झांसी में दीपावली और आगामी त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम गौरांग राठी ने दिए सख्त निर्देश

झांसी। दीपावली सहित आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, खाद्य पदार्थों में मिलावट, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, दशहरा, श्रावणी मेला, ईद, बकरीद, बरावफात और मुहर्रम जैसे पर्व बेहतर समन्वय और जनसहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं। इसी टीमवर्क और आपसी सहयोग की परंपरा को आगे भी बनाए रखना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

बाजारों में यातायात व्यवस्था और पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए नगर की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाले लोगों को जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। सड़क किनारे स्थायी रूप से अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन शाम को प्रमुख बाजारों और आवासीय कॉलोनियों में पुलिस की फुट पेट्रोलिंग अनिवार्य रूप से हो। साथ ही पीआरवी-112 की सक्रियता बनाए रखी जाए। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को जाते हैं, इसलिए परिवहन विभाग को खराब स्थिति वाली बसों का संचालन किसी भी परिस्थिति में नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।

पटाखा दुकानों पर रहेगी विशेष निगरानी, अग्निशमन विभाग अलर्ट

दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर होने चाहिए। पटाखा विक्रेताओं को जारी लाइसेंस दुकान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं की जांच भी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पटाखों की बिक्री वाले स्थानों पर पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और फायर टेंडर की व्यवस्था रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी को अलर्ट रहने और किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आग की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके। पटाखों की दुकानों पर पुलिस की सक्रिय निगरानी भी बनी रहे।

मिलावटखोरों के खिलाफ चलेगा अभियान

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष अभियान चलाकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने, मिलावटी सामान बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और मिलावट से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए। अभिहित अधिकारी को निरीक्षण अभियान तेज करने के लिए कहा गया।

बिजली, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर भी जोर

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अनावश्यक बिजली कटौती की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और आपूर्ति व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्रत्येक केंद्र पर 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं संचालित रहें। जहां चिकित्सकों की आवश्यकता है, वहां तत्काल तैनाती की जाए।

सड़क सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों के बीच से गुजरने वाली सड़कों पर वाहन तेज गति से नहीं चलने चाहिए। खनिज अधिकारी को भी निर्देश दिए गए कि भारी वाहनों की गति पर निगरानी रखी जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

अधिकारियों को आपसी संवाद और समन्वय बनाए रखने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है। इसलिए किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी बिना देरी किए मौके पर पहुंचें और संवेदनशील मामलों में स्वयं नेतृत्व करें। थाना, सर्किल और जिला स्तर के अधिकारी समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। शांति और सौहार्द का संदेश आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया का भी सहयोग लिया जाए।

उन्होंने कहा कि दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई-दूज, देवोत्थान एकादशी, अयोध्या दीपोत्सव, वाराणसी देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे प्रमुख आयोजन आने वाले हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाएं, ताकि प्रत्येक नागरिक सुरक्षित वातावरण में त्योहारों की खुशियां मना सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय चावला, एसपी नगर प्रीति सिंह, एसपी ग्रामीण डॉ. अरविन्द कुमार, नगर मजिस्ट्रेट योगेश्वर सिंह, एसीएम संजय कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.के. राय, डीपीआरओ डॉ. बाल गोविन्द श्रीवास्तव, डीआईओएस रती वर्मा सहित आतिशबाजी एसोसिएशन के प्रतिनिधि तरुण जुनेजा, अतुल गुप्ता ‘लकी’, सजल जैन ‘चेनू’ तथा विद्युत विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *