कानपुर के काकादेव कोचिंग मंडी में झुका बिजली का खंभा बना खतरा, हादसे के इंतजार में जिम्मेदार विभाग?

कानपुर नगर। शहर के काकादेव क्षेत्र में स्थित कोचिंग मंडी में एक झुका हुआ खंभा राहगीरों और छात्र-छात्राओं के लिए खतरे का कारण बन सकता है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि क्षेत्र में लगा एक खंभा काफी झुकी हुई अवस्था में है। यह स्थिति किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार विभाग की ओर से इसे लेकर अब तक प्रभावी कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

काकादेव क्षेत्र कानपुर का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक इस क्षेत्र की सड़कों और गलियों में विद्यार्थियों, अभिभावकों, कोचिंग संचालकों तथा अन्य राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे व्यस्त इलाके में किसी खंभे का झुका होना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।

कभी भी हो सकता है हादसा

वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि खंभा अचानक गिरता है तो आसपास से गुजर रहे लोगों को चोट लग सकती है। यदि यह बिजली का खंभा है और इससे विद्युत तार जुड़े हैं, तो खतरा और भी गंभीर हो सकता है। विशेष रूप से विद्यार्थियों की अधिक आवाजाही वाले इस क्षेत्र में ऐसी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का संभावित खतरा दिखाई दे रहा है, तो संबंधित विभाग की ओर से समय रहते निरीक्षण और मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी?

जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कराना चाहिए। खंभे की स्थिति की तकनीकी जांच कराकर आवश्यकतानुसार उसे सीधा करने या बदलने की व्यवस्था की जानी चाहिए। जब तक मरम्मत नहीं होती, तब तक आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी किए जाने चाहिए।

AMD News की अपील

काकादेव जैसे व्यस्त शैक्षणिक क्षेत्र में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। संबंधित विभाग और अधिकारियों से अपील है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले ही संभावित खतरे को दूर किया जा सके।

आखिर सवाल यही है कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभाग कार्रवाई कब करेगा? क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *