झाँसी: मोंठ मंडी में धान खरीद व्यवस्था का औचक निरीक्षण, धर्मकांटों की हुई जांच; किसानों को उचित मूल्य और समय पर भुगतान के निर्देश
निजी धर्मकांटों पर तौल व्यवस्था सही मिली, व्यापारियों को किसानों को परेशान न करने और समय से 6-आर जारी करने के निर्देश
झाँसी। किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य दिलाने और मंडियों में धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि उत्पादन मंडी समिति मोंठ का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने वरिष्ठ निरीक्षक बाट-माप विज्ञान डीसी गुप्ता के साथ मंडी परिसर में पहुंचकर तौल व्यवस्था और धान खरीद की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में संचालित धर्मकांटे के साथ-साथ मंडी के बाहर संचालित निजी धर्मकांटों मैसर्स बाबा श्याम धर्मकांटा, मोंठ एवं मैसर्स किसान धर्मकांटा, मोंठ की भी जांच की गई। बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक द्वारा किए गए परीक्षण में सभी धर्मकांटे सही तरीके से कार्य करते पाए गए।
किसानों से बातचीत में सामने आए धान के भाव
निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने मंडी में मौजूद किसान विकास यादव निवासी ग्राम जौरा, जसवंत सिंह निवासी ग्राम टोड़ी सहित अन्य किसानों से निजी आढ़तियों द्वारा की जा रही धान खरीद के संबंध में जानकारी ली।
किसानों ने बताया कि निजी आढ़तियों द्वारा धान की गुणवत्ता के आधार पर खरीद का मूल्य निर्धारित किया जा रहा है। किसानों के अनुसार मंडी में धान के भाव न्यूनतम 3,400 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर अधिकतम 4,400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं।
व्यापारियों को समय पर भुगतान और 6-आर देने के निर्देश
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने मंडी कार्यालय में धान खरीद करने वाले व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। किसानों की उपज का उचित मूल्य दिया जाए और खरीद के बाद उन्हें समय से 6-आर उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों की समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंडी सचिव को नियमित नीलामी और अभिलेखों की जांच के निर्देश
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने मंडी सचिव को निर्देशित किया कि मंडी में प्रतिदिन आने वाली धान की ट्रॉलियों की समय से नीलामी कराकर खरीद सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों द्वारा किसानों को जारी किए जाने वाले 6-आर एवं 9-आर प्रपत्रों की भी नियमित जांच की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को अपना धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और मंडी में खरीद व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहे।
निरीक्षण के दौरान मंडी सचिव श्री चन्द्रनारायण मिश्रा एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी श्री अचलेश चन्द्र द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।

