झांसी। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मऊरानीपुर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने झोलाछाप चिकित्सकों और बंद कराए गए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के दोबारा संचालन की शिकायतों पर नाराजगी जताई। डीएम ने निर्देश दिए कि त्योहारों के बाद झोलाछाप डॉक्टरों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध अभियान चलाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक बीमार और असहाय व्यक्ति को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण किया। इमरजेंसी वार्ड में दुर्घटना में घायल दो मरीजों का डॉ. रामपाल उपचार कर रहे थे। डीएम ने आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जानकारी ली। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक एंबुलेंस की प्रतिक्रिया का समय संतोषजनक रहा है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) वार्ड और लेबर रूम का निरीक्षण किया। वार्ड में एक महिला भर्ती थी, जबकि लेबर रूम में भी एक महिला भर्ती पाई गई। डीएम ने प्रसूताओं के तीमारदारों से बातचीत कर भोजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रसूता और उसके एक तीमारदार को समय से भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मॉड्यूलर ओटी की तैयारी
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर में प्रतिमाह लगभग 1,800 आईपीडी होती हैं। मध्य प्रदेश के आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का काफी दबाव रहता है।
मरीजों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक बनाने की जरूरत बताई गई। इस पर जिलाधिकारी ने जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की दिशा में कार्यवाही की जा सके।
शव वाहन और पोस्टमार्टम हाउस के नवीनीकरण पर भी जोर
स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन की आवश्यकता का मुद्दा भी सामने आया। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मऊरानीपुर को निर्देश दिए कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) अथवा किसी अन्य उपयुक्त मद से शव वाहन की व्यवस्था कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।
वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लंबे समय से खड़ी निष्प्रयोज्य एंबुलेंसों को देखकर डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नियमानुसार उनकी नीलामी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस मऊरानीपुर के नवीनीकरण की आवश्यकता भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
अस्पताल में बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि बाहरी वैन और कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में आने वाले बाहरी व्यक्तियों से आवश्यकता के अनुसार पूछताछ की जाए। साथ ही ऑपरेशन थिएटर में जरूरत से ज्यादा तीमारदारों के आने-जाने पर रोक लगाई जाए, ताकि उपचार के दौरान व्यवस्था, सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे।
झोलाछाप डॉक्टरों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी जांच
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निजी प्रैक्टिस, झोलाछाप चिकित्सकों और प्रशासन द्वारा बंद कराए गए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के दोबारा संचालित होने की शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के बाद संबंधित क्षेत्रों में अभियान चलाकर जांच की जाए और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित, पारदर्शी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मऊरानीपुर मनोज आर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान तिवारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर के अधीक्षक डॉ. आर.एन. सिंह तथा चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामपाल, डॉ. लाल सिंह और डॉ. दीपमाला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

