कानपुर। चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बनाई गई उनकी बहू शालू मिनोचा को बड़ी राहत मिली है। पुलिस की गहन विवेचना के बाद अदालत में शालू के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। रिपोर्ट में हत्या की साजिश में उनकी भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई। रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने शालू को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत के आदेश के अनुसार शालू को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा किया गया। सोमवार शाम करीब 7:30 बजे वह जेल से बाहर आईं। हालांकि, भविष्य में अदालत या विवेचक द्वारा बुलाए जाने पर उन्हें जांच में शामिल होने के लिए उपस्थित होना होगा।
21 दिन जेल में रहीं शालू : बीते 5 सितंबर को दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। शुरुआती विवेचना के दौरान शालू मिनोचा को भी आरोपी बनाया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया था। करीब 21 दिन जेल में रहने के बाद अब पुलिस की आगे की जांच में उनके खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने का साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस की जांच में हत्या में शालू की भूमिका नहीं होने और मामले में उनके बेटे की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिस पर अदालत ने शालू की रिहाई का आदेश जारी किया।
जेल से बाहर आते ही मायके वाले ले गए लखनऊ
सोमवार शाम जेल से रिहा होने के बाद शालू अपना चेहरा ढककर बाहर निकलीं। जेल के बाहर मौजूद उनके मायके वाले उन्हें अपने साथ सीधे लखनऊ लेकर चले गए।

