मध्य प्रदेश के धार्मिक और पौराणिक स्थल चित्रकूट में स्थित प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफा में भारी बारिश के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। प्राकृतिक गुफा की चट्टानों से लगातार पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है।
हाल ही में ‘खटखटा चोर’ के पास दोबारा पत्थर गिरने की घटना सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहली गुफा को तत्काल प्रभाव से सील करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों की जांच और सुरक्षा रिपोर्ट आने तक श्रद्धालुओं के गुफा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
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चट्टानों में दरारें: प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान गुफा की चट्टानों में स्पष्ट दरारें और ज्वाइंट (जोड़) दिखाई दिए हैं।
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पानी का रिसाव: लगातार हो रही बारिश के कारण प्राकृतिक गुफा के भीतर पानी का रिसाव काफी बढ़ गया है।
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बढ़ता जोखिम: इन कारणों से कमजोर चट्टानों के खिसकने और बड़े पत्थर गिरने की आशंका लगातार बनी हुई है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। विशेषज्ञों की टीम द्वारा पूरी स्थिति का जायजा लेने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही गुफा को दोबारा खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।

