झांसी। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला स्वच्छता समिति के अध्यक्ष गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति एवं पंचायतीराज विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने, ग्रामीण हाट बाजार विकसित करने और सरकारी संस्थानों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बड़े बाजारों को चिन्हित कर वहां प्रभावी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से ओएसआर (Own Source Revenue) के माध्यम से आय सृजित करते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया।
डीएम ने जनपद में संचालित बायोगैस संयंत्रों से निकलने वाली गैस और स्लरी के बेहतर प्रबंधन तथा संयंत्रों के सुचारु संचालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभावनाएं हों, वहां छोटी दुकानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वयं की आय अर्जित करने वाली ग्राम पंचायतों में ग्रामीण हाट बाजार स्थापित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम रक्सा में रूरल मार्ट के अंतर्गत निर्मित दुकानों का पुनः ऑक्शन कर पारदर्शी तरीके से आवंटन करने को कहा। इसके लिए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
15वें केंद्रीय वित्त आयोग (क्षेत्र पंचायत), वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान में उपलब्ध धनराशि और उसके सापेक्ष किए गए व्यय की भी समीक्षा की गई। विकासखंड मोंठ में 231 करोड़ रुपये से अधिक की उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष 222 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी आवश्यक सूचनाओं सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने क्षेत्र पंचायत के अंतर्गत आने वाले स्कूलों एवं इंटर कॉलेजों, सीएचसी और पीएचसी तक एप्रोच रोड बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सीडीपीओ कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावों में ब्लॉक प्रमुख की प्राथमिकताओं को भी शामिल किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी, सब-सेंटर और आरोग्य मंदिरों को हर घर नल जल योजना से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इन संस्थानों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता ही सेवा वर्ष-2026 के तहत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। इनमें स्वच्छ पाठशाला, युवा फॉर स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, जनभागीदारी एवं एडवोकेसी ड्राइव, खेल एवं आयोजनों के बाद स्वच्छता अभियान, पर्यटन स्थलों की सफाई, विश्व पर्यटन दिवस, स्वच्छता से समृद्धि तथा सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर सहित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छ भारत दिवस से संबंधित कार्यक्रम शामिल रहे।
बैठक के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. बाल गोविन्द श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और बैठक का समापन किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एवं उपाध्यक्ष जिला स्वच्छता समिति रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा, बीएसए जितेन्द्र कुमार गौड़, डीपीओ दिनेश सिंह राजपूत, डॉ. उत्सव राज, दिनेश कुमार सिंह सहित समिति के सदस्य, ब्लॉक प्रमुख गुरसराय, जिला स्तरीय अधिकारी, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त जिला कंसलटेंट एवं जिला परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे।

