कानपुर। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण (Swachh Vayu Sarvekshan) 2026 में कानपुर की रैंकिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में शहर छह पायदान नीचे खिसककर 11वें स्थान पर पहुंच गया। सर्वेक्षण में देश के 48 शहरों का आकलन किया गया, जिसमें कानपुर को 183.2 अंक मिले।
पिछले दो वर्षों में कानपुर इस सर्वेक्षण में लगातार टॉप-5 शहरों में शामिल रहा था। ऐसे में इस बार रैंकिंग में आई गिरावट को शहर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कानपुर नगर निगम (KMC) और अन्य विभागों द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे मेट्रो निर्माण, सीवर लाइन बिछाने और सड़क निर्माण कार्यों ने भी धूल की समस्या को और बढ़ा दिया है।स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में कानपुर की रैंकिंग में गिरावट के बाद अब सड़क निर्माण, धूल नियंत्रण, गड्ढामुक्त सड़कें और निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण जैसे उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रभावी निगरानी और जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
