झांसी। उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने यूपी कॉस के पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ ही निगम के लोगो का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के गठन से प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों और उनके परिवारों समेत करीब 17 से 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा, गौरव और अधिकारों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा में नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालय, चिकित्सालय और शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
पुरानी व्यवस्था में कर्मचारियों को होती थी परेशानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आउटसोर्स व्यवस्था तीन पक्षों में बंटी हुई थी। एक ओर कर्मचारी, दूसरी ओर आउटसोर्स एजेंसी और तीसरी ओर संबंधित सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर अलग-अलग स्थानों पर जाता था, लेकिन कई बार उसकी सुनवाई नहीं हो पाती थी। वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सेवा की सुरक्षा को लेकर भी कर्मचारियों में चिंता रहती थी।
उन्होंने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मी अकेला नहीं है। उसकी समस्याओं की सुनवाई और समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था तैयार की गई है। कर्मचारी का समय कार्यालयों के चक्कर लगाने में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने में लगना चाहिए।
मेहनत के अनुरूप मिलेगा पारिश्रमिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी दूर करना जरूरी है। आउटसोर्स कर्मियों को उनकी श्रेणी और शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप पारिश्रमिक सुनिश्चित किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप योग्यता और मेरिट के आधार पर ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से होगी।
भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य सेवा लाभों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। कर्मचारी पोर्टल के माध्यम से अपनी सर्विस डिटेल, अकाउंट, उपस्थिति और भुगतान संबंधी जानकारी देख सकेंगे तथा शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
पांच तारीख तक खाते में पहुंचेगा पारिश्रमिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रत्येक माह एक से पांच तारीख के बीच सीधे उनके बैंक खाते में पारिश्रमिक भेजा जाएगा। ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा। आउटसोर्स एजेंसी को सरकार की ओर से सर्विस चार्ज दिया जाएगा और कर्मचारी के पारिश्रमिक से मनमानी कटौती नहीं की जा सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया अब मनमाने ढंग से नहीं होगी। एजेंसी को पहले सरकार को जानकारी देनी होगी और मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
मातृत्व अवकाश और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को ईएसआई के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर आयुष्मान भारत योजना से भी उन्हें जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारी और उसके परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल सकेगा। मातृत्व अवकाश सहित अन्य वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
20 से 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि निर्धारित श्रेणी के अनुसार आउटसोर्स कर्मियों के परिवार को 20 से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा।
इसके अलावा अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपये, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख रुपये, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये, बेटे की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दो पुत्रियों के विवाह के लिए भी निर्धारित सीमा तक सहायता का प्रावधान बताया गया। कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में बैंक के माध्यम से परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी।
झांसी में आउटसोर्स कर्मियों को दी गई शुभकामनाएं
लखनऊ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पश्चात झांसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, मेयर बिहारीलाल आर्य, विधायक मऊरानीपुर डॉ. रश्मि आर्या, विधायक गरौठा जवाहरलाल राजपूत, विधान परिषद सदस्य रामतीर्थ सिंघल और विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी ने विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान विभिन्न विभागों के आउटसोर्सिंग कार्मिकों को डेमो चेक वितरित किए गए। साथ ही कन्या विवाह सहायता योजना तथा मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के लाभार्थियों को भी डेमो चेक प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, प्रशिक्षु आईएएस मनीषा धारवे, अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, अपर नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, संविदाकर्मी एवं उनके परिजन मौजूद रहे।
तकनीक के साथ मानवीय संवेदना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में काम करने का तरीका बदल रहा है, लेकिन मानव श्रम की गरिमा कभी नहीं बदल सकती। तकनीक जितनी आगे बढ़ेगी, शासन व्यवस्था को उतना ही अधिक मानवीय और संवेदनशील होना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आउटसोर्स कर्मचारियों को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यबल के रूप में विकसित करना है। साथ ही किसान, महिला, कारीगर, युवा, एमएसएमई और श्रमिक वर्ग को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में भागीदार बनाया जा रहा है।
