चित्रकूट। मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने सोमवार को चित्रकूट के रामघाट पर दुकानदारों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। नागपंचमी के अवसर पर सुबह से ही रामघाट पर स्नान और भगवान मत्तगजेंद्रनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। लेकिन कुछ ही घंटों में नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए घाट तक पहुंच गया। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी और घाट की दुकानों में मौजूद दुकानदारों को सामान समेत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य घाट से जाने के बजाय रत्नावली मार्ग से भेजा गया।
महज पौने तीन घंटे में 3 मीटर से अधिक बढ़ा जलस्तर
मंदाकिनी नदी का जलस्तर सुबह सात बजे 124.400 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद पानी तेजी से बढ़ता गया। सुबह 10:30 बजे जलस्तर 126.100 मीटर पहुंच गया। इसके करीब 15 मिनट बाद ही नदी का जलस्तर 126.500 मीटर तक पहुंच गया, जिसे खतरे के निशान के पार बताया गया।
दोपहर 12 बजे तक जलस्तर बढ़कर 127.100 मीटर पहुंच गया। इस तरह करीब पौने तीन घंटे के भीतर मंदाकिनी का जलस्तर लगभग 3.15 मीटर बढ़ गया। पानी बढ़ने की तेज रफ्तार से घाट क्षेत्र में मौजूद लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
दुकानें जलमग्न, सामान बचाने में जुटे दुकानदार
जलस्तर बढ़ने का सबसे ज्यादा असर रामघाट के दुकानदारों पर पड़ा। पानी दुकानों तक पहुंचने लगा तो दुकानदार आनन-फानन में अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। कई दुकानों में पानी घुसने से कारोबार प्रभावित हुआ।
स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, पिछली बाढ़ के बाद घाट पर जमा कीचड़ और गंदगी की सफाई का काम भी पूरी तरह नहीं हो पाया था। इसी बीच मंदाकिनी के दोबारा उफनने से उनकी परेशानियां और बढ़ गईं।
नागपंचमी पर उमड़ी भीड़, श्रद्धालुओं को लौटना पड़ा
नागपंचमी के कारण सुबह से ही रामघाट पर बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे थे। श्रद्धालु मंदाकिनी में स्नान करने के साथ भगवान मत्तगजेंद्रनाथ का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर की ओर जा रहे थे। अचानक बढ़े जलस्तर के बाद पुलिस और प्रशासन ने घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर लोगों को रोक दिया।
मुख्य घाट से प्रवेश बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए रत्नावली मार्ग का सहारा लेना पड़ा। कई लोगों को घाट से वापस लौटना पड़ा।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों की चिंता अब इस बात को लेकर बढ़ गई है कि यदि मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मंदाकिनी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में रामघाट सहित आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन की ओर से घाट क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
