लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग की सेवाओं को और अधिक डिजिटल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेशवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी कई कार्यों के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने फेसलेस व्यवस्था के तहत 39 ऑनलाइन सेवाओं को ऑटो अप्रूवल सिस्टम से जोड़ दिया है। आधार सत्यापन पूरा होते ही पात्र आवेदनों को स्वतः स्वीकृति मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि विभाग की कुल 52 फेसलेस ऑनलाइन सेवाओं में से सारथी पोर्टल की 27 और वाहन पोर्टल की 12 सेवाएं अब ऑटो अप्रूवल व्यवस्था के तहत संचालित होंगी। इससे नागरिकों को तेज, पारदर्शी और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से आवेदनों के निस्तारण में लगने वाला समय कम होगा, भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी तथा डिजिटल गवर्नेंस को नई मजबूती मिलेगी। अब लोग अपने घर से ही ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
ऑटो अप्रूवल में शामिल प्रमुख सेवाएं
सारथी पोर्टल के तहत लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, पता, नाम, जन्मतिथि, फोटो और हस्ताक्षर में संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP), PSV बैज, कंडक्टर लाइसेंस से जुड़ी विभिन्न सेवाएं तथा पर्वतीय एवं खतरनाक पदार्थ ले जाने वाले वाहनों के लिए विशेष अनुमति जैसी सेवाएं शामिल हैं।
वहीं वाहन पोर्टल पर आरसी की डुप्लीकेट कॉपी, पता परिवर्तन, वाहन स्वामित्व हस्तांतरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC), विशेष परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र की डुप्लीकेट प्रति, परमिट से संबंधित सेवाएं तथा वाहन पर हाइपोथेकेशन (ऋण) जोड़ने और हटाने जैसी सुविधाएं भी अब ऑटो अप्रूवल सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध होंगी।
नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के लाखों वाहन स्वामियों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही सरकारी सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक और अधिक आसान हो जाएगी।
