नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच गुरुवार देर रात बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात राष्ट्र के नाम वीडियो संदेश जारी कर घोषणा की कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों को त्वरित एवं कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रावधान वाला नया विधेयक लाने जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिले और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
इधर, प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही समय बाद गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12:40 बजे मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबी और सकारात्मक बातचीत हुई है। सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार करने और ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि देश में संभावित तनाव और हिंसा की आशंका को देखते हुए भी उन्होंने यह निर्णय लिया है।
वांगचुक ने कहा, “सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। देशहित और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया है।”
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा नए कानून की घोषणा और सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक और प्रस्तावित विधेयक के अंतिम स्वरूप पर टिकी हैं।
