उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बुधवार शाम एक बार फिर भीषण आग लगने से पूरे गांधी बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के सुभाष गंज स्थित चौधरी पेंट के गोदाम में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास की करीब 300 दुकानों को तत्काल बंद करा दिया गया और पूरे इलाके को खाली कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 7 से 8 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा पारीछा, भेल और सेना की फायर यूनिटों को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। कई घंटों से लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है।
20 फीट ऊंची लपटों से दहला पूरा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि गोदाम से लगभग 20 फीट ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। आग की तीव्र गर्मी के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कुछ ही देर में गोदाम की बिल्डिंग की छत भरभराकर गिर गई, जिससे राहत कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
ग्राउंड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक फैली आग
जानकारी के अनुसार आग पहले गोदाम के ग्राउंड फ्लोर पर लगी और फिर तेजी से फर्स्ट फ्लोर तक फैल गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में पेंट और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। लगातार उठते धुएं और तेज लपटों के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आसपास की दुकानों को कराया गया खाली
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने गोदाम से सटी 6 से 7 दुकानों को तत्काल खाली करा दिया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। स्थानीय व्यापारी भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासन के साथ राहत कार्य में सहयोग करते दिखाई दिए।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी रामवीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य की लगातार निगरानी की। सेना की सहायता भी ली जा रही है ताकि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।
दो दिनों में तीसरी बार लगी आग
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी गोदाम में पिछले दो दिनों के भीतर तीन बार आग लग चुकी है। इससे पहले लगी आग पर स्थानीय व्यापारियों और दमकल कर्मियों ने किसी तरह काबू पा लिया था, लेकिन बुधवार को लगी आग पहले की घटनाओं की तुलना में कहीं अधिक भयावह साबित हुई।
बार-बार आग लगने की घटनाओं ने गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते कारणों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाती, तो इतनी बड़ी घटना से बचा जा सकता था।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद विस्तृत जांच कराने की बात कही है।

