फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) रेल लाइन पर बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। रुपसपुर क्षेत्र के निकट नई कारों को लेकर जा रही एक मालगाड़ी की बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बोगी में रखी करीब 10 नई कारें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और फायर ब्रिगेड की टीमों में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर लगभग 4 बजे कारों से लदी मालगाड़ी डीएफसी ट्रैक पर गुजर रही थी। इसी दौरान रुपसपुर इलाके के पास इंजन से सटी पहली बोगी से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में धुआं आग की तेज लपटों में बदल गया और पूरी बोगी को अपनी चपेट में ले लिया।
चलती ट्रेन में आग लगने की घटना को देखकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों और राहगीरों ने शोर मचाया। सूचना मिलते ही लोको पायलट ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया। आग इंजन के ठीक पीछे वाली बोगी में लगी थी, इसलिए चालक दल ने तुरंत तकनीकी कार्रवाई करते हुए इंजन को बोगी से अलग कर आगे बढ़ा दिया। इस सूझबूझ के कारण आग इंजन तक नहीं पहुंच सकी और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) तथा स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां भी घटनास्थल पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने लगभग एक घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया।
रेलवे अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बोगी में रखी लगभग 10 नई कारें आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गईं। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, जिससे राहत की बात है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट अथवा किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना के बाद डीएफसी रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए संचालन प्रभावित रहा, जबकि सुरक्षा एजेंसियां और रेलवे अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। घटना ने रेलवे की माल ढुलाई सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

