लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को राज्य का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है। मई 2022 के बाद यह पहला अवसर है जब प्रदेश को स्थायी पुलिस प्रमुख मिला है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने रविवार को शासनादेश जारी किया।
1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण ने 1 जून 2025 को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अब उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। उनका सेवा कार्यकाल वर्ष 2029 तक है, जिससे उनके पास लगभग तीन वर्ष का कार्यकाल शेष है।
शासनादेश में कहा गया है कि जनहित में राजीव कृष्ण को पुलिस महानिदेशक (विभागाध्यक्ष), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पद पर नियुक्त किया गया है तथा उन्हें कार्यभार ग्रहण कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपीएससी की गाइडलाइन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी राज्य के डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण कम से कम दो वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे।
डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे। 26 मई को आयोजित चयन बैठक में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद शामिल हुए। आयोग ने विचार-विमर्श के बाद पियूष आनंद, रेणुका मिश्रा और राजीव कृष्ण के नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इनमें से राजीव कृष्ण का चयन पूर्णकालिक डीजीपी के रूप में किया गया।

