कानपुर। ऑनलाइन नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को आकर्षक ऑफर देने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और अन्य तरीकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना उन्नाव निवासी शुभम ठाकुर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में काकादेव हितकारी नगर निवासी बी-फार्मा का छात्र साहिल यादव, बीए का छात्र प्रशांत गुप्ता, आकाश सरोज तथा कौशांबी निवासी मोहम्मद मेराज उर्फ मोहम्मद कैफ शामिल हैं। मोहम्मद कैफ एसी रिपेयरिंग का काम करता है और 10वीं पास है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 2 लाख 99 हजार 300 रुपये नकद और एक महिंद्रा 3एक्सओ कार बरामद की है। जांच में सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए लोगों के बैंक खाते किराये पर लेता था। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था।
साइबर टीम के अनुसार आरोपितों ने गीता नगर इलाके में मात्र नौ हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर फ्लैट लेकर वहां से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रखा था। गिरोह ऑनलाइन फर्जी वेबसाइट और लिंक तैयार कर लोगों को झांसे में लेकर उनसे बैंकिंग और कार्ड संबंधी जानकारी हासिल करता था। इसके बाद उनके खातों से रकम उड़ा ली जाती थी।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के खिलाफ साइबर अपराध पोर्टल पर अब तक 18 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। हाल ही में गीता नगर निवासी वरुण सोनकर, जो स्नातक का छात्र है, ने मंगलवार को साइबर क्राइम थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी शिकायत के आधार पर साइबर टीम ने जांच शुरू की और गिरोह का खुलासा किया।
साइबर क्राइम टीम अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि गिरोह का संपर्क कंबोडिया और मलेशिया में सक्रिय साइबर ठगों से हो सकता है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार सरगना की तलाश जारी है।

