कानपुर शहर में रविवार रात एक मामूली बाइक टक्कर को लेकर हुए रोडरेज ने एक पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। नौबस्ता इलाके के यशोदा नगर बायपास पर वृंदावन गेस्ट हाउस के सामने यह दर्दनाक घटना घटी, जिसमें पिता शिव नारायण (60 वर्ष) और उनका बेटा शिवम (28 वर्ष) की चाकू के वार से मौत हो गई, जबकि दूसरे बेटे सत्यम (30 वर्ष) की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की शुरुआत रविवार देर रात हुई जब त्रिवेदी परिवार की बाइक और आरोपी युवकों की बाइक में टक्कर हो गई। छोटी सी टक्कर पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोपी युवकों ने गाली-गलौज के साथ हमला बोल दिया। उन्होंने हेलमेट से पीटा, लात-मुक्के मारे और फिर चाकू निकालकर वार करने शुरू कर दिए। पिता और बेटे इस क्रूर हमले में बुरी तरह घायल हो गए। आसपास के लोग घबराकर चीखने लगे, लेकिन आरोपी युवक भाग निकले।
पुलिस को सूचना मिलते ही नौबस्ता थाने की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत एलएलआर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिव नारायण और शिवम को मृत घोषित कर दिया। सत्यम का इलाज चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में तीन मुख्य आरोपियों की पहचान हुई। सोमवार तड़के पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैरों में गोली लगी है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से आपराधिक इतिहास वाले हैं और रोडरेज की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
यह घटना कानपुर में बढ़ते रोडरेज मामलों का एक भयावह उदाहरण है। शहर में ट्रैफिक की समस्या और युवाओं में बढ़ती हिंसा ने लोगों को चिंतित कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बायपास इलाकों में रात के समय सुरक्षा की कमी है। कई लोग अब परिवार के साथ बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और फोटो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सख्ती से सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं। पड़ोसियों ने बताया कि त्रिवेदी परिवार साधारण और मेहनती था। शिव नारायण रिटायर्ड थे जबकि बेटे छोटे-मोटे काम करते थे। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है।

