प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान बुद्ध के आदर्शों को जीवन में उतारने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार समाज में आनंद, शांति और एकजुटता की भावना को और सशक्त करेंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बुद्ध पूर्णिमा का यह पवित्र अवसर हमें शांति, करुणा और सद्भावना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प दोहराने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता अत्यंत दृढ़ है। कामना है कि उनके विचार हमारे समाज में आनंद और एकजुटता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें।”
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“नान्तर्बहिश्च लोकेषु त्वात्मानं दृष्टवान् क्वचित्।
आष्टाङ्गिकेन मार्गेण परमां शान्तिमाययौ॥”
इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को रेखांकित करते हुए बताया कि जब व्यक्ति यह समझ लेता है कि उसके भीतर या बाहर कोई भी सत्ता स्थायी नहीं है और वह ‘अष्टांगिक मार्ग’—सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प और सम्यक आचरण—का पालन करता है, तब वह सभी दुखों से मुक्त होकर परम शांति को प्राप्त करता है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश समाज को एकजुटता, शांति और सकारात्मकता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है।

