बरगी बांध क्रूज हादसा: मां ने आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लगाए रखा, लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में सामने आई एक तस्वीर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं—एक 29 वर्षीय मां अपने 4 साल के मासूम बेटे को आखिरी सांस तक सीने से लगाए हुए मिली। यह दृश्य न सिर्फ दिल दहला देने वाला है, बल्कि इस त्रासदी की गहराई को भी बयां करता है।

अब तक इस हादसे में 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, आज दो और शव मिले हैं, जिनमें मां और उसका मासूम बेटा भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मां ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, इसके बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, हादसे के समय क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे। हालांकि टिकट रिकॉर्ड में केवल 29 वयस्कों का ही उल्लेख है, क्योंकि बच्चों के टिकट नहीं लिए जाते थे। ऐसे में क्रूज में सवार लोगों की सटीक संख्या अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

इस घटना को लेकर कई गंभीर आरोप भी सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद सैलानियों को क्रूज के जरिए बांध में ले जाया गया। हैरानी की बात यह है कि क्रूज पर केवल एक ऑपरेटर और एक असिस्टेंट मौजूद थे, जो सुरक्षा के लिहाज से नाकाफी था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। हादसे के दौरान जब क्रूज डूबने लगा, तब यात्रियों ने आपस में ही लाइफ जैकेट बांटने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि घोर लापरवाही का नतीजा है, जिसे गैर-इरादतन हत्या के रूप में देखा जाना चाहिए।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।

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