जबलपुर, मध्य प्रदेश। बरगी डैम के बैकवॉटर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार तेज किया जा रहा है। इस अभियान में एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ अब भारतीय सेना भी शामिल हो गई है। हैदराबाद से सेना और कोलकाता से पैरामिलिट्री बलों की टीमें हेलीकॉप्टर के जरिए मौके पर पहुंची हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आई है।
अब तक इस हादसे में 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 9 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं करीब 8 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि क्रूज को पूरी तरह बाहर निकालने के बाद ही सवार यात्रियों की सही संख्या और मृतकों का सटीक आंकड़ा स्पष्ट हो पाएगा।
बताया जा रहा है कि इस क्रूज में कर्नाटक का एक पूरा परिवार सवार था, जो जबलपुर के खमरिया क्षेत्र में निवास करता था। हादसे में बची दिल्ली की एक महिला पर्यटक ने बताया कि तेज तूफान के दौरान क्रूज में पानी भरने लगा, जिससे यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि जब क्रूज डूबने लगा, तब यात्रियों को लाइफ जैकेट बांटी गईं, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।
मौके पर मौजूद मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने आशंका जताई कि कुछ लोग क्रूज के एसी केबिन में फंसे रह गए थे और पलटने के बाद बाहर नहीं निकल सके, जिससे उनकी मौत हो गई।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

