लखनऊ/हरदोई: उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित होने जा रहा है।
यह एक्सप्रेसवे आधुनिक पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। फिलहाल इसे 6 लेन में तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य रखा गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह मार्ग तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सुरक्षा फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।
प्रधानमंत्री सुबह 11:15 बजे हरदोई पहुंचे, जहां उन्होंने एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद यूपीडा (UPEDA) की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में भी उन्होंने हिस्सा लिया।
12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इसके चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी और लोगों को तेज व सुविधाजनक सफर मिलेगा।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर कनेक्टिविटी से माल परिवहन की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई ऊर्जा देने का काम करेगी।
एयरस्ट्रिप और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
इस एक्सप्रेसवे की खासियत शाहजहांपुर के पास बनी लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपातकाल में वायुसेना के विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क होगा मजबूत
गंगा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक विशाल और इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश का सबसे बड़ा नेटवर्क माना जाएगा।
कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ विकास की नई कहानी भी लिखेगा।

