कानपुर-लखनऊ के बीच सफर अब और तेज व सुगम होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसके लोकार्पण की तैयारी अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका उद्घाटन कराने की योजना बनाई है, जिसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।
इससे पहले 21 अप्रैल को लोकार्पण प्रस्तावित था, लेकिन प्रधानमंत्री के अन्य कार्यक्रमों के चलते इसे एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया। गौरतलब है कि पहले जनवरी में इसे आंशिक रूप से खोलने की योजना थी, लेकिन बाद में पूरा कार्य पूर्ण होने के बाद ही यातायात शुरू करने का निर्णय लिया गया।
एक्सप्रेसवे के निर्माण में जोन-2 (उन्नाव) में 45.300 किलोमीटर और जोन-1 (लखनऊ) में 18.700 किलोमीटर का कार्य पूरा किया गया है। हाल ही में लखनऊ दौरे पर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस परियोजना को जल्द शुरू करने की बात कही थी।
इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। सुरक्षा कारणों से इस पर दो और तीन पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा, जिससे हादसों की संभावना कम हो सके।
यातायात की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे को कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से जोड़ा गया है। उन्नाव में दो स्थानों पर इंटरचेंज बनाए गए हैं, जहां से वाहन आसानी से चढ़-उतर सकेंगे। कानपुर से आने वाले वाहन जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज के रास्ते आजाद मार्ग चौराहा से एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर, फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, प्रसाधन और एंबुलेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और दोनों शहरों के बीच आर्थिक व औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

