Kanpur में हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जहां जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं अब इसका असर लोगों के खान-पान पर भी साफ नजर आने लगा है। तूफान के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही, जिसके चलते दुकानों और मिठाई विक्रेताओं के फ्रीजर और कोल्ड स्टोरेज सिस्टम ठप हो गए।
बिजली न होने के कारण दुकानों में रखी मिठाइयां, डेयरी उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री खराब होने लगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ दुकानदार नुकसान से बचने के लिए इन खराब खाद्य पदार्थों को भी ग्राहकों को बेच रहे हैं। यह न सिर्फ उपभोक्ताओं के साथ धोखा है, बल्कि उनकी सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब या बासी मिठाई और खाद्य पदार्थ खाने से फूड प्वाइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
शहर के कई इलाकों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि दुकानों पर रखी मिठाइयों की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राहक भी बिना जांचे-परखे सामान खरीद रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। दुकानों की जांच कर खराब खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां:
- मिठाई या कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता जरूर जांचें।
- खराब गंध, रंग या स्वाद वाले उत्पाद न खरीदें।
- जहां संभव हो, ताजा बना हुआ सामान ही लें।
- पैक्ड फूड खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
- बच्चों और बुजुर्गों को बाहर की मिठाइयों से फिलहाल दूर रखें।
यह समय सतर्क रहने का है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन और दुकानदारों के साथ-साथ आम जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सुरक्षित खान-पान अपनाकर ही हम इस संकट से बच सकते हैं।

