कानपुर के काकादेव स्थित नमक फैक्ट्री सब स्टेशन क्षेत्र में बीती रात आए तेज तूफान और बारिश के बाद से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इलाके के कई हिस्सों में कल रात से ही बिजली गुल है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली न आने से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, तूफान के कारण बिजली के खंभे और तारों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया है। जब लोग नमक फैक्ट्री सब स्टेशन पर जानकारी लेने पहुंचे, तो वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि “मैन पावर की कमी” के कारण काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। इस जवाब से लोग संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने इसे विभाग की लापरवाही बताया।
बिजली संकट से जूझ रहे नागरिकों ने जब अपने क्षेत्रीय विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। आरोप है कि विधायक की ओर से यह कहा गया कि “इस समय बिजली-पानी की समस्या को लेकर उनसे कोई संपर्क न करे।” इस बयान ने जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने जनप्रतिनिधियों को इसलिए चुनते हैं ताकि आपदा और संकट के समय उन्हें मदद मिल सके। लेकिन ऐसे समय में जिम्मेदार नेताओं का इस तरह का रवैया कहीं न कहीं जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाता है। लोगों का सवाल है कि जब जरूरत के समय ही जनप्रतिनिधि संपर्क में न आएं, तो उनकी भूमिका क्या रह जाती है?
क्षेत्र में बिजली न होने के कारण पानी की सप्लाई भी बाधित हो रही है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही, जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे इस कठिन समय में जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।
फिलहाल, काकादेव क्षेत्र के लोग बिजली बहाली का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस संकट को गंभीरता से लेते हुए समय रहते राहत पहुंचा पाएंगे

