कानपुर में अचानक बदले मौसम ने शहरवासियों को भारी मुसीबत में डाल दिया। तेज आंधी, बारिश और तूफान ने पूरे शहर में तबाही मचा दी है। जगह-जगह से हादसों की खबरें सामने आ रही हैं, जहां पेड़ उखड़कर सड़कों और खड़ी गाड़ियों पर गिर गए, वहीं कई इलाकों में बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए।
सबसे दुखद घटना काकादेव क्षेत्र से सामने आई, जहां एक महिला की तूफान के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला अपने घर की छत पर मौजूद थी, तभी तेज हवा और बारिश के बीच उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
तूफान का असर काकादेव, सीसामऊ, गोविंदनगर और साकेतनगर समेत कई क्षेत्रों में देखने को मिला। काकादेव थाना परिसर में भी एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसके नीचे कई गाड़ियां दब गईं। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर टीन शेड और अस्थायी ढांचे उखड़कर दूर जा गिरे। कम से कम तीन शेड के उखड़ने की सूचना है, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे अंधेरा छा गया और जनजीवन प्रभावित हुआ।
घटनाओं की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। पेड़ों के नीचे दबे वाहनों को निकालने और रास्तों को साफ करने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके का मंजर बदल गया। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने ऐसा भयानक तूफान पहले कभी नहीं देखा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहें, और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
कानपुर में आए इस तूफान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी खतरनाक हो सकती हैं और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

