Saloni Tiwari (Chief Editor): AMD News: गौतम बुद्ध नगर: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जेवर में बने Noida International Airport के पहले चरण का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण भी किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu भी मौजूद रहे। उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को भगवान बुद्ध का पवित्र अवशेष भेंट किया।
उद्घाटन के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि भारत में कीमतें नियंत्रित हैं और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल उत्तर प्रदेश या दिल्ली एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली को अब एक “दूसरी धड़कन” मिल गई है, जो देश के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से 3000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Noida International Airport को दिल्ली एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जो Indira Gandhi International Airport का पूरक होगा। दोनों एयरपोर्ट मिलकर यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने और भीड़ कम करने में मदद करेंगे।
इस एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता सालाना 12 मिलियन यात्रियों की होगी, जो भविष्य में बढ़कर 70 मिलियन यात्रियों तक पहुंच सकती है। इसमें 3900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो हर मौसम में 24 घंटे संचालन को संभव बनाती हैं।
एयरपोर्ट में एक अत्याधुनिक कार्गो इकोसिस्टम भी विकसित किया गया है, जिसमें मल्टी-मॉडल कार्गो हब, लॉजिस्टिक्स जोन और इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल शामिल हैं। यह सुविधा शुरुआत में सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभालने में सक्षम होगी, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही 40 एकड़ में फैली मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी विकसित की गई है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका लक्ष्य ‘नेट-जीरो एमिशन’ एयरपोर्ट बनना है, जिसके लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों और टिकाऊ विकास मॉडल को अपनाया गया है।
इसका आर्किटेक्चरल डिजाइन भारतीय सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक देखने को मिलती है। यह आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।

