सियार को भेड़िया समझ पटक-पटक का मार डाला..

सीतापुर– यूपी के कई जिलों से भेड़ियों के हमले की लगातार ख़बरें आ रही हैं इन भेड़ियों के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यूपी सरकार भी भेड़ियों के हमलों पर गंभीर है प्रशासन भी इस मामले को लेकर गंभीर है। वहीं इस बीच सीतापुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने सियार को भेड़िया समझकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस सियार ने युवक पर हमला किया था। युवक को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। पूरा मामला सिधौली तहसील के आसोधन गांव का है।

क्या है पूरा मामला

यूपी के सीतापुर में रविवार देर रात एक युवक पर सियार ने हमला कर दिया। हमले के बाद युवक और सियार के बीच काफी देर तक संघर्ष चला, जिसमें युवक सियार के हमले से घायल हो गया। वहीं युवक ने भेड़िया होने की आशंका होने पर सियार को पटक-पटककर मार डाला।

शोर सुनकर गांव वाले लाठी डंडा लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। और टार्च की रोशनी में देखा तो भेड़िए की जगह सियार निकला। घटना की सूचना पाकर वनविभाग कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सियार के शव को कब्जे में ले लिया। वहीं घायल युवक को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां इलाज करने के बाद उसे घर भेज दिया गया।

सियार को पटक पटक का मार डाला-

यह पूरा मामला सिधौली तहसील के आसोधन गांव का है। बता दें कि शनिवार रात भेड़िए ने दो महिलाओं पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया था, जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद में भर्ती कराया गया था। गांव का ही रहने वाला युवक हरी शंकर मिश्रा देर रात गांव में ही किसी काम से गया हुआ था।

भेड़िए के आतंक को देखते हुए वह अपनि सुरक्षा के लिए साथ डंडा भी ले गया था। हरी शंकर जब घर वापस आ रहा था, तभी उस पर सियार नें झपट कर हमला कर दिया। इस हमले में उसके पास मौजूद डंडा गिर गया। इसके बाद दोनों के बीच काफी देर तक मुकाबला हुआ जिसमें हरी शंकर ने सियार को ज़मीन पर पटक-पटककर मार डाला। वहीं हरी शंकर भी घायल हो गया।

शोर सुनकर इकट्ठे हुए ग्रामीण- शोर सुनकर गांव वाले लाठी डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंचे। गांव वालों ने जब टार्च की रोशनी में मरे हुए जानवर को देखा तो वह सियार निकला। गांव वालों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वन विभा अधिकारीयों ने सियार के शव को कब्जे में ले लिया। हमले में घायल हरी शंकर को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज करके घर भेज दिया।

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