कानपुर में ई-रिक्शा व ई-ऑटो संचालन होगा सुव्यवस्थित, 4-कलर कोड रूट सिस्टम लागू करने की तैयारी

नवदीप चतुर्वेदी: कानपुर। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा एक अहम पहल की जा रही है। 24 दिसंबर 2025 को पुलिस कार्यालय सभागार में ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो के सुव्यवस्थित संचालन, यातायात जाम में कमी और प्रभावी इंफोर्समेंट को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त महोदय ने की। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), नगर आयुक्त, पीटीओ, पुलिस उपायुक्त यातायात, समस्त जोनल पुलिस उपायुक्त, सभी एसीपी व टीआई मौजूद रहे। इसके साथ ही ई-रिक्शा व ई-ऑटो संघों के पदाधिकारी, आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो संचालन के लिए 4-कलर कोड आधारित रूट निर्धारण किया जाएगा। इसके तहत शहर को चार रंगों में विभाजित कर रूट तय किए जाएंगे, जिससे वाहनों का संचालन अधिक स्पष्ट, नियंत्रित और सुगम हो सके।

इसके अलावा निर्धारित पार्किंग स्थलों एवं स्टैंडों की पहचान की जाएगी और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए मशीन लर्निंग एवं डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा, जिससे नियम तोड़ने वालों की पहचान तेजी से की जा सके।

यातायात दबाव कम करने के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों द्वारा एनालिटिक्स आधारित अध्ययन के माध्यम से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक फ्लो सुधारने के उपाय लागू किए जाएंगे। वहीं पुलिस, परिवहन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा रूट की व्यवहार्यता (Viability Survey) भी कराई जाएगी, ताकि व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान सुनिश्चित हो सकें।

अनुपयोगी और जाम पैदा करने वाले वाहनों के लिए डंपिंग यार्ड भी चिन्हित किए जाएंगे, जिससे सड़कों पर अव्यवस्था न हो। यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

ट्रैफिक कंट्रोल रूम: 9305104340
ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर: 9305104387

यातायात पुलिस ने विशेष रूप से वाहन चालकों से अपील की है कि सड़क पर चल रही एंबुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तुरंत रास्ता दें, क्योंकि आपकी जागरूकता और संवेदनशीलता किसी के अनमोल जीवन की रक्षा कर सकती है।

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