GOAT India Tour 2025 के तहत अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर और विश्व विजेता लियोनेल मेसी 13 से 15 दिसंबर तक भारत दौरे पर हैं। शनिवार सुबह 10:30 बजे उनका एक विशेष कार्यक्रम विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में आयोजित किया गया, जहां उन्हें देखने के लिए हजारों फैंस सुबह से ही स्टेडियम में मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही लियोनेल मेसी मैदान में पहुंचे, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। मेसी ने फैंस का अभिवादन स्वीकार करते हुए ग्राउंड का एक चक्कर भी लगाया, लेकिन इस दौरान उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री और कई अन्य वीवीआईपी मौजूद रहे। भीड़ और सुरक्षा घेरे के कारण बड़ी संख्या में फैंस मेसी को ठीक से देख नहीं पाए।
जब मेसी मैदान से बाहर जाने लगे, तभी पहले से नाराज फैंस का गुस्सा फूट पड़ा। स्टेडियम में मौजूद कुछ लोगों ने इवेंट मैनेजमेंट पर नाराजगी जताते हुए बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और पूरा स्टेडियम अफरा-तफरी में बदल गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई फैंस को मेसी की एक झलक तक नहीं मिल पाई, जिसके चलते उन्होंने पोस्टर और होर्डिंग तोड़ दिए।
स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई और हालात को देखते हुए लियोनेल मेसी समेत अन्य वीवीआईपी मेहमानों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। स्टेडियम के अंदर हुई इस अव्यवस्था की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें भारतीय फुटबॉल प्रेमियों की नाराजगी साफ देखी जा सकती है।
फैंस की नाराजगी की वजह
फैंस का कहना है कि मेसी केवल करीब 10 मिनट के लिए ही मैदान में नजर आए और पूरे समय नेताओं व अधिकारियों से घिरे रहे। इसके अलावा उन्होंने न तो कोई किक मारी और न ही पेनल्टी शॉट लिया, जिसकी उम्मीद लेकर लोग घंटों इंतजार कर रहे थे। कई फैंस ने 4,500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के महंगे टिकट खरीदे थे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
भारतीय फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक और खुशी का यह मौका अव्यवस्था और खराब प्रबंधन की वजह से विवादों में घिर गया। फैंस का कहना है कि अगर बेहतर योजना और व्यवस्था होती, तो यह कार्यक्रम यादगार बन सकता था।

