भारत के राष्ट्रकवि स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कानपुर जर्नलिस्ट क्लब में गुरुवार को चित्रपट अनावरण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, राजनीति और पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक प्रबुद्धजनों ने राष्ट्रकवि को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर प्रमिला पाण्डेय, विशिष्ट अतिथि विधायक सुरेंद्र मैथानी एवं विधायक नीलिमा कटियार रहीं। कार्यक्रम में राष्ट्रकवि की कालजयी रचनाओं की पंक्तियों ने पूरे सभागार को साहित्यिक भावनाओं से सराबोर कर दिया।
“हिन्दी साहित्य की सूर्य-सी ज्योति हैं गुप्त जी” — महापौर
महापौर प्रमिला पाण्डेय ने जर्नलिस्ट क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मैथिलीशरण गुप्त की कविताएँ आज भी देश की राष्ट्रीय चेतना को जाग्रत करती हैं।
उन्होंने कहा— “भारत-भारती जैसी रचना आज भी देशभक्ति और आत्मबोध की प्रेरणा देती है।”
महापौर ने जर्नलिस्ट क्लब से जुड़े पत्रकारों के पार्क के जीर्णोद्धार की घोषणा भी की, जिसका उपस्थित लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
“युवाओं को गुप्त जी का साहित्य पढ़ना चाहिए” — विधायक मैथानी
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने राष्ट्रकवि को युगप्रवर्तक बताते हुए कहा कि उनकी कविता “हम कौन थे, क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी” आज भी आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को साहित्य, संस्कार और राष्ट्रबोध से जोड़ने का कार्य करते हैं।
नीलिमा कटियार ने सुनाई ‘अभिलाषा’, तालियों से गूंज उठा सभागार
विधायक नीलिमा कटियार ने राष्ट्रकवि को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी प्रसिद्ध कविता ‘अभिलाषा’ का भावपूर्ण पाठ किया—
“चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ…”
उनके काव्य पाठ पर सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा और यह क्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया।
साहित्य का डिजिटल भंडार तैयार किया जाएगा — पप्पू कुरेले
दद्दा जी अनुयायी समिति के मुख्य संरक्षक पप्पू कुरेले ने घोषणा की कि मैथिलीशरण गुप्त के समग्र साहित्य को संकलित कर जर्नलिस्ट क्लब की लाइब्रेरी में उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही साहित्यिक पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन की योजना भी शुरू की जाएगी।
“गुप्त जी राष्ट्रीय आत्मा के कवि थे” — अंजनी निगम
वरिष्ठ पत्रकार अंजनी निगम ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएँ केवल कविता नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की अभिव्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा— “जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं — वह हृदय नहीं है पत्थर है।”
उन्होंने साहित्य और राष्ट्रवाद के समन्वय को गुप्त जी की सबसे बड़ी विशेषता बताया।
हिन्दी साहित्य के प्रचार में अग्रणी रहेगा जर्नलिस्ट क्लब — अभय त्रिपाठी
कानपुर जर्नलिस्ट क्लब के महामंत्री अभय त्रिपाठी ने कहा कि क्लब आगे भी हिन्दी साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
उन्होंने पत्रकार भवन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन आलोक अग्रवाल ने किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
भाजपा नेता संजीव पाठक, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चन्द्र त्रिपाठी, समिति अध्यक्ष यू.एस. गुप्ता, विजय गुप्ता, आर.के. सफ्फर, पत्रकार कुमार त्रिपाठी, कैलाश अग्रवाल, श्याम तिवारी, गजेन्द्र सिंह, सर्वेश पाण्डेय ‘निन्नी’, किरण पाण्डेय, विशाल सैनी, पंकज अवस्थी, विवेक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

