कानपुर। थाना पनकी क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया साइट-2 स्थित एक ऑयल सीड मील में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। फैक्ट्री में चल रहे कार्य के दौरान कुल सात कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से तीन बाहर चले गए थे, जबकि चार युवक अंदर ही थे।
जानकारी के अनुसार, रात में काम समाप्त करने के बाद चारों युवकों ने खाना खाया और ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर कोयला जलाया। इसके बाद उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कमरे में किसी भी प्रकार का वेंटिलेशन उपलब्ध नहीं था। इसी दौरान जलते कोयले से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस उत्पन्न हुई, जिसे चारों युवक धीमे-धीमे इनहेल करते रहे। गैस का असर इतना गहरा था कि युवक बिना महसूस किए वहीं सो गए और उनकी मौत हो गई।
सुबह जब उनके साथी उन्हें आवाज देने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद दरवाजा खुलवाया गया, लेकिन अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। चारों युवक मृत अवस्था में पड़े थे।
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेन्सिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पूरी की। पुलिस के अनुसार, यह घटना पूरी तरह से गैस इनहेलेशन के कारण हुई आकस्मिक मृत्यु का मामला है।
फैक्ट्री मालिकों से पुलिस प्रशासन ने आग्रह किया है कि मृतक कर्मचारियों के परिजनों को यथासंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही फैक्ट्रियों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
यह हादसा फिर एक बार याद दिलाता है कि बंद कमरों में कोयला जलाना घातक साबित हो सकता है और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की जरा सी लापरवाही भी जानलेवा हो जाती है।

