सलोनी तिवारी: कानपुर। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को शहर में देव दीपावली का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दिन हजारों श्रद्धालु गंगा तटों पर स्नान कर पूजन करेंगे। तुलसी विवाह और भगवान सालिग्राम की पूजा के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूरे दिन संपन्न होंगे। पांच दिन से चल रहे कार्तिक व्रत का आज पारण भी किया जाएगा।
बनारस की तर्ज पर कानपुर में भी देव दीपावली अब भव्य रूप ले चुकी है। इस बार 27 घाटों को दीयों से सजाया जाएगा। अटल घाट, ब्रह्मावर्त घाट, बिठूर, सरसैया घाट, लक्ष्मण घाट, मैगजीन घाट, बाबा घाट सहित सभी तटों पर दीपदान होगा। गंगा आरती के समय शंख, घंटा और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बनेगा।
हर घाट पर सैकड़ों हाथों में आस्था के दीपक और मन में लोक कल्याण की कामना होगी। धूप-अगरबत्ती की सुगंध और रंगोली से सजे घाटों पर श्रद्धालु दीपदान करेंगे। बिठूर में पारंपरिक मेला भी आयोजित होगा, जहां दूर-दूर से भक्त पहुंचेंगे।
देव दीपावली समिति के अध्यक्ष बाल योगी अरुण चैतन्य पुरी ने बताया कि आज कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्री श्याम गंगा तट सिद्धनाथ धाम द्वितीय काशी जाजमऊ कानपुर में 5:30 pm बजे भव्य दीपोत्सव दीपदान तथा मां गंगा की महा आरती का आयोजन किया जायेगा।
लोग अपने घरों और मंदिरों में भी पांच या 11 दीपक जलाकर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे। कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता स्वयं पृथ्वी पर उतरकर गंगा स्नान और दीपदान करते हैं। यही कारण है कि इसे देव दीपावली कहा जाता है।
गंगा तटों पर दीयों की अविरल पंक्ति, आरती की लहराती लौ और श्रद्धा से झिलमिलाते चेहरे — यही होगी इस वर्ष की कानपुर की देव दीपावली की अनोखी झलक।

