मुख्यमंत्री योगी ने दिया निर्देश: फायर सर्विस को बनाया जाए आधुनिक, हर जिले में होगी आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता

सलोनी तिवारी: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण की रफ्तार को देखते हुए अग्निशमन विभाग को और अधिक सशक्त, आधुनिक तथा जनसुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब फायर सर्विस केवल आग बुझाने तक सीमित न रहे, बल्कि इसे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपात सेवाओं के समेकित स्वरूप में विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री गुरुवार को अग्निशमन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रीजन में स्पेशलाइज्ड यूनिट गठित की जाए, जो केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं और सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी जटिल परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हो। उन्होंने विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जनशक्ति से सुसज्जित करने के निर्देश दिए।

सलोनी तिवारी: बैठक में विभाग में नए पदों के सृजन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जनपद में अकाउंट कैडर स्थापित किया जाए। साथ ही राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।

सीएम योगी के निर्देशों के बाद विभाग में राजपत्रित संवर्ग के 98 और अराजपत्रित संवर्ग के लगभग 922 नए पदों के सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे जनपद, रीजनल और मुख्यालय स्तर पर फायर सर्विस की कार्यक्षमता और जनसेवा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में फायर एवं आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक 100 किलोमीटर की दूरी पर फायर टेंडर सहित एक छोटी फायर चौकी स्थापित की जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर पहले ही अग्निशमन सेवाओं की समुचित जनशक्ति तैनात की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फायर सर्विस जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए जो हर परिस्थिति में त्वरित, कुशल और उत्तरदायी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो। उन्होंने विभाग के पुनर्गठन की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इसका लाभ शीघ्र जनता तक पहुंच सके।

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