सलोनी तिवारी: अयोध्या (उत्तर प्रदेश): दिवाली से एक दिन पहले भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रविवार (19 अक्टूबर) को दीपोत्सव का नौवां संस्करण ऐतिहासिक अंदाज़ में मनाया गया। इस अवसर पर 26 लाख से अधिक दीयों ने राम की पैड़ी और सरयू तट को ऐसे जगमगाया मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो।
इस बार के दीपोत्सव में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम मौजूद रही, जिसने दो नए विश्व रिकॉर्ड दर्ज किए —
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26,17,215 दीपों का प्रज्वलन, और
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2128 अर्चकों द्वारा एक साथ सरयू आरती।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से प्रमाणपत्र प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि “अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम है, जहां धर्म स्वयं मानव रूप में अवतरित हुआ था। यहां हर दीप में दया और हर हृदय में भगवान श्रीराम का वास है।”
दीयों से जगमग हुई राम की पैड़ी
सरयू घाटों पर लेज़र लाइट शो, रामलीला मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दीपोत्सव की भव्यता को चार गुना बढ़ा दिया। इस दृश्य को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “साल 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत 1.71 लाख दीयों से हुई थी, और आज अयोध्या धाम में ही 26 लाख दीप प्रज्वलित हुए हैं। पूरे प्रदेश में दीपोत्सव के अवसर पर लगभग 1 करोड़ 51 लाख दीप जलाए जा रहे हैं।”
धार्मिक आस्था और गौरव का संगम
दीपोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है बल्कि ‘राम राज्य’ की परंपरा और आदर्शों को जीवंत रखने का प्रतीक बन गया है। जगमग अयोध्या ने इस बार यह संदेश दिया कि “प्रकाश और मर्यादा का पथ ही धर्म का सच्चा मार्ग है।”

