सलोनी तिवारी: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग की 44 हजार पदों पर होने वाली भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक, शासकीय या अर्द्धशासकीय सेवाओं में नियमित रूप से कार्यरत है, वह होमगार्ड स्वयंसेवक के पद पर आवेदन नहीं कर सकेगा। पहले तक ऐसे कर्मचारी भी पात्र होते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त करने की तैयारी है।
होमगार्ड विभाग ने इस बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलते ही यह नियम प्रभावी हो जाएगा।
🔹 नई भर्ती प्रक्रिया:
नई नियमावली के अनुसार, होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन जिलेवार ऑनलाइन लिए जाएंगे।
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भर्ती वास्तविक रिक्तियों के सापेक्ष होगी, जिससे लाखों युवाओं को आवेदन करने का मौका मिलेगा।
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आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष रखी गई है।
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कुछ विशेष श्रेणियों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
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यदि रिक्तियों की संख्या 11 हजार से अधिक होगी, तो बोर्ड उन्हीं के सापेक्ष आवेदन स्वीकार करेगा।
इसके अलावा, केंद्रीय स्तर पर एनरोलमेंट बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो पूरे चयन प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
इन परिस्थितियों में नहीं कर सकेंगे आवेदन:
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किसी भी आपराधिक मुकदमे में विचाराधीन व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकेगा।
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बर्खास्त कर्मचारी (केंद्र, राज्य सरकार या किसी स्थानीय निकाय से) आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
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आवेदक केवल अपने जिले की रिक्तियों के लिए ही आवेदन कर सकेगा।
पृष्ठभूमि:
होमगार्ड संगठन की स्थापना के बाद इसे एक प्रतिष्ठित सेवा माना जाता था। डॉक्टर, प्रोफेसर, वकील, पत्रकार और अन्य पेशों से जुड़े लोग भी समाज सेवा के उद्देश्य से अल्पकालिक अवधि के लिए जुड़ते थे। उस समय 50 वर्ष तक की आयु वाले भी भर्ती के पात्र थे।
हालांकि, समय के साथ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ने लगीं, जिसके बाद विभाग ने धीरे-धीरे इस व्यवस्था पर अंकुश लगाना शुरू किया। अब नई नियमावली में इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी की गई है।


