अयोध्या — श्रीरामजन्मभूमि परिसर में 23 से 25 नवंबर तक भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राम मंदिर निर्माण की पूर्णता के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और ट्रस्ट के ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि समारोह को ऐतिहासिक और वृहद बनाने के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर दस हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 25 नवंबर को विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर श्रीराम मंदिर के शिखर पर 21 फीट ऊंचे धर्म ध्वज का ध्वजारोहण करेंगे और मंदिर निर्माण पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा करेंगे।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंगलवार की शाम ध्वज को ऊंचाई पर फहराकर उसका मॉक ट्रायल किया गया है। गुरुवार को ध्वज के रंग, आकार, और सुरक्षा संबंधी सावधानियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा ताकि तेज हवा के बीच भी धर्म ध्वजा सुशोभित रूप से लहराती रहे और उसे कोई क्षति न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि श्रीराम मंदिर केवल “राष्ट्र मंदिर” नहीं, बल्कि “अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर” बने। यह ऐसा तीर्थ बने जिसे सभी वर्ग, समुदाय और विचारधाराएं समान श्रद्धा के साथ स्वीकार करें और गर्व महसूस करें।
इस आयोजन के दौरान अयोध्या और काशी के वैदिक विद्वान और वेदपाठी पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को ध्वज के स्वरूप, रंग, और प्रतीक चिन्ह तय करने की जिम्मेदारी दी गई है।
5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हुई यह ऐतिहासिक यात्रा 22 जनवरी 2024 को रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने से आगे बढ़ी, और अब 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी के ध्वजारोहण के साथ अपने पूर्णता बिंदु पर पहुंचेगी। यह दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है।

