सलोनी तिवारी: कोलकाता/दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया पोखरी क्षेत्रों में हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई स्थानों पर मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
भारी बारिश के चलते दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी के बीच मुख्य सड़क अवरुद्ध हो गई है। साथ ही पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच संपर्क मार्ग भी टूट गया है। जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार जिलों में भी भारी जलभराव के कारण हालात बिगड़ गए हैं।
भूस्खलन और यातायात व्यवस्था बाधित
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चित्रे, सेल्फी दारा और आसपास के इलाकों में NH10 कई जगहों पर बंद है।
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NH717A पर भी भूस्खलन के बाद मलबा हटाने का कार्य जारी है।
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पनबू से कलिम्पोंग जाने वाली सड़क खुली है, जबकि तीस्ता बाजार होते हुए कलिम्पोंग-दार्जिलिंग मार्ग रबीजोरा और तीस्ता नदी किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ के कारण बंद है।
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कोरोनेशन ब्रिज के रास्ते सिक्किम और दार्जिलिंग की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है।
प्रशासन की अपील और राहत कार्य
दार्जिलिंग जिला पुलिस और आपदा प्रबंधन दल राहत कार्य में जुटे हैं। अफसरों ने नागरिकों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने अफसरों और प्रशासन से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने की अपील की है।
इंटरनेट सर्विस बंद, कई इलाके जलमग्न
लगातार बारिश की वजह से बिजली और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
वर्तमान स्थिति गंभीर बनी हुई है, और प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में बारिश जारी रहने की संभावना है।


