सलोनी तिवारी: आज के दौर में जब तकनीक की चर्चा होती है, तो सबसे पहले जेन-जी (Gen-Z) का नाम सामने आता है। यह वही पीढ़ी है जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। साल 2024 में इनकी उम्र 12 से 27 साल के बीच है। भारत में करीब 35 करोड़ जेन-जी युवा हैं जो तकनीक और इंटरनेट के मामले में सबसे आगे माने जाते हैं।
अगर आप इनको हल्के में लेते हैं, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है, क्योंकि आने वाला समय पूरी तरह से डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित है। हर दिन कोई नया आविष्कार या तकनीकी बदलाव सामने आता है और जेन-जी पीढ़ी इसे सबसे तेज़ी से अपनाती है। यही वजह है कि इन्हें इंटरनेट और तकनीक की दुनिया का असली किंग कहा जाता है।
क्यों पड़ा जेन-जी नाम
जेन-जी पहली ऐसी पीढ़ी है, जिन्हें जन्म से ही इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल सुविधाओं का अनुभव मिला। पिछली पीढ़ियों ने इंटरनेट से पहले और बाद का समय देखा, लेकिन जेन-जी की पूरी परवरिश तकनीक के साथ हुई। यही कारण है कि ये लोग टेक्नो-फ्रेंडली और डिजिटल माहौल में सहज माने जाते हैं।
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव
जेन-जी पीढ़ी सोशल मीडिया पर काफी समय बिताती है। जानकारी जुटाने, शेयर करने और दुनिया से जुड़ने के लिए ये इंटरनेट पर सबसे ज्यादा भरोसा करती है। यही वजह है कि इनमें से कई लोग सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर के रूप में भी उभरे हैं, जो वीडियो और पोस्ट के जरिए लाखों-करोड़ों लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।
तेज दिमाग और तेज उंगलियां
जेन-जी का दिमाग जहां तेज़ है, वहीं इनके हाथ और उंगलियां भी तकनीक के साथ बेहद तेज़ी से काम करती हैं। मोबाइल और लैपटॉप पर काम करते हुए ये ऐसे शॉर्टकट्स और ट्रिक्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे ये सेकंडों में वह काम कर लेते हैं जिसे दूसरी पीढ़ी को करने में वक्त लग सकता है।
इंटरनेट की दुनिया के किंग क्यों?
जेन-जी को इंटरनेट का किंग यूं ही नहीं कहा जाता। इनका जन्म डिजिटल युग में हुआ है और यह पीढ़ी टेक्नोलॉजी को सिर्फ इस्तेमाल ही नहीं करती, बल्कि उसे बेहतर ढंग से समझती और उसका पूरा फायदा उठाती है। इनकी तुलना अगर इंटरनेट से पहले की पीढ़ी से की जाए, तो ये कई गुना ज्यादा स्मार्ट और तेज साबित होती है।
इसलिए कहा जा सकता है कि जेन-जी पीढ़ी आने वाले समय में तकनीक, बिजनेस और समाज—हर क्षेत्र का चेहरा बदलने वाली है।

