प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड के स्वास्थ्य जोखिम, हार्मोनल और हृदय जोखिम का छिपा खतरा

सलोनी तिवारी: रसोई में हम हर दिन चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं — सब्ज़ियाँ काटना, फल काटना, मसाला तैयार करना, आदि। अधिकांश घरों में ये बोर्ड प्लास्टिक से बने होते हैं क्योंकि उन्हें साफ करना आसान है। लेकिन हाल की रिसर्च ने यह संकेत दिया है कि ये बोर्ड्स माइक्रोप्लास्टिक छोड़ सकते हैं, जो स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं — विशेषकर फर्टिलिटी, हार्मोनल संतुलन और हृदय संबंधी जोखिम। इस लेख में हम जानेंगे क्यों यह समस्या है, वैज्ञानिक प्रमाण क्या हैं, और कैसे अपने आप को सुरक्षित रखें।


1. वैज्ञानिक प्रमाण — अध्ययन क्या कहते हैं?

  • एक अध्ययन “Cutting Boards: An Overlooked Source of Microplastics …” ने दिखाया कि प्लास्टिक बोर्ड से काटते समय माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं। उन्होंने पाया कि polypropylene बोर्ड में माइक्रोप्लास्टिक निकलने की मात्रा 5–60% ज़्यादा थी, और polyethylene में 14–71% अधिक माइक्रोप्लास्टिक निकलने की संभावना थी।

  • एक प्रेस विज्ञप्ति (ACS) ने यह कहा कि सब्ज़ियाँ काटने पर प्लास्टिक और लकड़ी दोनों से माइक्रोप्लास्टिक निकल सकते हैं, और विशेष रूप से प्लास्टिक बोर्ड्स में यह समस्या अधिक तीव्र हो सकती है।

  • एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि प्लास्टिक काटने वाले बोर्ड्स मानव भोजन में माइक्रोप्लास्टिक का एक महत्वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं, जो बारीक कणों को खाद्य सामग्री में संलग्न कर सकते हैं।

  • हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जोखिम अभी पूरी तरह से साबित नहीं है और शोध अभी प्रारंभिक स्तर पर हैं।


2. संभावित स्वास्थ्य खतरों का तर्क

a) माइक्रोप्लास्टिक और शारीरिक प्रभाव

माइक्रोप्लास्टिक छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं (5 मिमी से छोटे) जो कई स्रोतों से हमारे खाद्य और पानी में प्रवेश कर जाते हैं। इनका मानव शरीर में जाना अभी पूरी तरह निहित नहीं है, लेकिन प्रारंभिक अध्ययन इन मुख्य खतरों की ओर संकेत करते हैं:

  • एंडोक्राइन (हार्मोन) प्रणाली पर प्रभाव: माइक्रोप्लास्टिक्स साथ जुड़ी रसायनात्मक योजक (जैसे BPA, phthalates) हार्मोन प्रणाली को बाधित कर सकते हैं।

  • प्रजनन (fertility) प्रभाव: हार्मोन असंतुलन और परजीवी प्रभाव संभव है, लेकिन अभी सीधे अध्ययन सीमित हैं।

  • हृदय और शिरापरवाही (cardiovascular risk): एक अध्ययन में यह पाया गया कि माइक्रोप्लास्टिक्स धमनियों में पाए गए प्लाक (arterial plaque) से जुड़े मामलों में अधिक जोखिम से जुड़े थे।

  • प्रदाह (inflammation) एवं आंत्र समस्या: माइक्रोप्लास्टिक्स आंत्र को प्रभावित कर सकते हैं और सूजन का कारण बन सकते हैं।


3. मिथक और सावधानी

  • मिथक: “थोड़े माइक्रोप्लास्टिक्स शरीर को कुछ नहीं करते” — यह पूरी तरह सच नहीं है। जोखिम समय और संचयी मात्रा पर निर्भर करता है।

  • सावधानी: सही तरह से उपयोग करने पर कुछ जोखिम कम हो सकते हैं — बोर्ड को समय-समय पर बदलना, गहरे खरोंच वाले बोर्ड उपयोग न करना, आदि।


4. सुरक्षित विकल्प और सुझाव

बेहतर सामग्री चुनें

  • लकड़ी (wooden boards): प्राकृतिक और कम माइक्रोप्लास्टिक रिलीज वाले विकल्प।

  • बाँस (bamboo): हल्का और टिकाऊ विकल्प।

  • रबर / सिलिकन मिश्रण: कुछ खाद्य ग्रेड सिलिकन विकल्प हैं।

  • कांच / संगमरमर / ग्लास: पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त, लेकिन चाकू को जल्दी चोट पहुँचाते हैं।

देखभाल और उपयोग

  • बोर्ड में गहरे कट न होने दें।

  • समय-समय पर बोर्ड को बदलें जब वह अधिक खरोंच वाला हो जाए।

  • साफ-सफाई पर ध्यान दें — गर्म पानी, साबुन, और सूर्य में सुखाना।

  • उटensils (knife) की धार बनाये रखें — तेज चाकू कम घर्षण पैदा करेगा।


प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड आज तक सुविधाजनक और स्वच्छ विकल्प माने जाते रहे हैं। लेकिन नई वैज्ञानिक जानकारी यह संकेत देती है कि वे माइक्रोप्लास्टिक रिलीज का स्रोत हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं — विशेषकर हार्मोनल, प्रजनन और हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़े।

सुरक्षित रहने के लिएु बेहतर सामग्री विकल्प अपनाना, ठीक प्रकार से देखभाल करना और बोर्ड को समय-समय पर बदलना महत्वपूर्ण है।

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