सलोनी तिवारी: उत्तर प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण को मिशन की तरह अपनाया है। इसी यात्रा को आम जनता तक पहुँचाने के लिए “स्वच्छ सुजल गाँव” प्रदर्शनी नोएडा में आयोजित की गई। इसमें बुंदेलखंड जैसे सूखा-प्रभावित क्षेत्र की जल-रूपांतरण कहानियाँ मुख्य आकर्षण रहीं।
प्रदर्शनी की खास बातें
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बुंदेलखंड पर फोकस – जहाँ कभी पानी के लिए पलायन करना पड़ता था, आज जल संरक्षण योजनाओं से हरियाली लौट आई है।
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ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति – जल संरक्षण की कहानियों को फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और ग्राफिक्स से दिखाया गया।
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स्थानीय कला और नृत्य – लोगों को जोड़ने के लिए बुंदेलखंडी लोककला और नृत्य भी हुए।
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गाँव-गाँव की कहानियाँ – कुओं के पुनर्जीवन, तालाबों की सफाई, चेक डैम और वर्षा जल संचयन की पहल साझा की गई।
जल संरक्षण का महत्व
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खेती के लिए पानी: बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में किसानों को अब सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगा है।
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महिला सशक्तिकरण: पहले महिलाएँ घंटों पानी लाने जाती थीं, अब घर के पास ही उपलब्ध है।
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आर्थिक प्रगति: जल उपलब्धता से ग्रामीण रोजगार और पशुपालन को बढ़ावा मिला है।
सरकार की पहलें
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जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल की योजना
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बुंदेलखंड पैकेज में विशेष जल परियोजनाएँ
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पानी पंचायतें – स्थानीय लोगों को निर्णय लेने में शामिल करना
भविष्य की दिशा
इस प्रदर्शनी ने दिखाया कि समुदाय + सरकार + तकनीक मिलकर कैसे जल संकट को अवसर में बदल सकते हैं।


