सलोनी तिवारी: दुनिया भर में समय-समय पर कई वायरल बीमारियां तेजी से फैलती हैं। हाल के दिनों में भारत सहित कई देशों में हैंड-फुट-माउथ डिजीज (Hand-Foot-Mouth Disease – HFMD) के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। पहले यह बीमारी छोटे बच्चों में आम मानी जाती थी, लेकिन अब इसके केस वयस्कों में भी देखने को मिल रहे हैं।
यह एक संक्रामक बीमारी है, जो ज्यादातर स्कूल जाने वाले बच्चों या डे-केयर में रहने वाले शिशुओं को प्रभावित करती है। हालांकि, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग भी इस वायरस का शिकार हो सकते हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि हैंड-फुट-माउथ डिजीज क्या है, यह क्यों फैल रही है, इसके लक्षण, कारण, बचाव और इलाज क्या हैं।
हैंड-फुट-माउथ डिजीज क्या है?
हैंड-फुट-माउथ डिजीज एक वायरल इन्फेक्शन है, जो मुख्य रूप से Coxsackievirus A16 और Enterovirus 71 के कारण फैलता है। इस बीमारी में शरीर के तीन प्रमुख हिस्सों पर असर देखा जाता है:
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हाथ (Hand)
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पैर (Foot)
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मुंह (Mouth)
इसी कारण इसका नाम Hand-Foot-Mouth Disease रखा गया है।
हैंड-फुट-माउथ डिजीज क्यों बढ़ रही है?
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मौसम में बदलाव – खासकर मानसून और पोस्ट-मानसून सीजन में वायरस तेजी से एक्टिव हो जाता है।
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भीड़-भाड़ – स्कूल, डे-केयर और प्लेग्राउंड में बच्चों का ज्यादा मेल-जोल वायरस फैलने का कारण बनता है।
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कमजोर इम्यूनिटी – जिन बच्चों और वयस्कों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, वे जल्दी प्रभावित होते हैं।
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हाइजीन की कमी – हाथ न धोना, दूषित पानी-खाना लेना या संक्रमित चीजें छूना भी इसके फैलने का कारण है।
हैंड-फुट-माउथ डिजीज के लक्षण
यह बीमारी अचानक से शुरू होती है और इसके लक्षण 3–5 दिन तक धीरे-धीरे बढ़ते हैं।
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तेज बुखार
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गले में खराश और निगलने में दिक्कत
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मुंह के अंदर छाले और दर्द
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हाथ-पैर और शरीर पर लाल दाने
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भूख में कमी
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थकान और चिड़चिड़ापन
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बच्चों में बार-बार रोना
आमतौर पर यह बीमारी 7–10 दिनों में ठीक हो जाती है।
बीमारी कैसे फैलती है?
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संक्रमित व्यक्ति की नाक या गले की बूंदों (sneeze/cough) से
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खिलौने, तौलिए, बर्तन साझा करने से
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दूषित सतह छूने से
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संक्रमित व्यक्ति के छाले या लार से
हैंड-फुट-माउथ डिजीज का इलाज
इस बीमारी का कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट (specific treatment) नहीं है। डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए दवाइयाँ देते हैं।
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बुखार और दर्द – पैरासिटामोल या आइबुप्रोफेन (डॉक्टर की सलाह पर)
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माउथ अल्सर – ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, दही या नारियल पानी से राहत
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तरल पदार्थ – डीहाइड्रेशन रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी, जूस
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आराम – मरीज को पर्याप्त आराम देना
घरेलू उपाय
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गर्म पानी और नमक से गरारे – गले की खराश में आराम
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तुलसी का काढ़ा – रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
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शहद और अदरक – मुंह के छालों में फायदेमंद
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हल्दी वाला दूध – शरीर की सूजन कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
बचाव कैसे करें?
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बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत डालें
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संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं
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स्कूल या डे-केयर को तुरंत सूचना दें
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संक्रमित व्यक्ति के बर्तन, खिलौने, कपड़े अलग रखें
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घर और आस-पास की सतह को सैनिटाइज करें
क्या हैंड-फुट-माउथ डिजीज खतरनाक है?
आमतौर पर यह बीमारी गंभीर नहीं होती और खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है।
लेकिन कुछ मामलों में जटिलताएँ हो सकती हैं जैसे:
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डिहाइड्रेशन
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मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis) – बहुत दुर्लभ केस
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न्यूमोनिया
इसलिए अगर बुखार बहुत ज्यादा है या बच्चा खाने-पीने से पूरी तरह मना कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हैंड-फुट-माउथ डिजीज और बच्चों की देखभाल
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बच्चे को ज्यादा भीड़ वाले स्थानों पर न ले जाएं।
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उसके खाने में नरम और ठंडे पदार्थ रखें।
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बच्चे को आराम करने दें और स्कूल से छुट्टी दिलवाएं।
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माता-पिता खुद भी हाइजीन का पूरा ध्यान रखें।
हैंड-फुट-माउथ डिजीज (HFMD) आज के समय में एक तेजी से फैलने वाली वायरल बीमारी है, जो बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को भी प्रभावित कर रही है। हालांकि यह गंभीर नहीं होती, लेकिन समय पर सावधानी और उचित देखभाल से इससे आसानी से बचा जा सकता है।
याद रखें – सावधानी ही बचाव है।


