Karamat College में “Libas-e-Lucknow” फैशन शो ने संवारे पारंपरिक अवधी पोशाक, साथ ही महिला सशक्तिकरण की मुहिम

सलोनी तिवारी : उत्तेर प्रदेश सरकार की Mission Shakti 5.0 पहल, महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। इस पहल के अंतर्गत कई कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किए जाते हैं। ऐसे ही एक आयोजन के रूप में Karamat Husain Muslim Girls’ PG College, Lucknow में 24 सितंबर 2025 को “Libas-e-Lucknow” नामक फैशन शो एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पारंपरिक अवधी पोशाकों (शरारा, गारारा आदि) का प्रदर्शन हुआ, साथ ही एक सशक्तीकरण सत्र भी आयोजित किया गया।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे — यह कार्यक्रम कैसे आयोजित हुआ, इसके प्रमुख पहलू, इसकी सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि, सफलताएँ, चुनौतियाँ, और इसका प्रभाव।


1. Karamat College और Mission Shakti 5.0 का परिचय

Karamat Husain Muslim Girls’ PG College, Lucknow एक प्रसिद्ध महिला शिक्षण संस्थान है, जो मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के बीच शिक्षा, कला और सामाजिक उत्थान में सक्रिय है।

कॉलेज के अन्य गतिविधियों में समय-समय पर महिला सशक्तिकरण, कैरियर काउंसिलिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं।

Mission Shakti 5.0 उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका लक्ष्य है महिलाओं को जागरूक करना, सुरक्षा, आत्मरक्षा और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना। इस मिशन के तहत राज्य भर में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम और गतिविधियाँ चल रही हैं।


2. “Libas-e-Lucknow” फैशन शो: अवधारणा और आयोजन

2.1 उद्देश्य

  • संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन: अवधी पारंपरिक पोशाकों को मंच पर लाना, उन्हें नए आयाम देना।

  • महिला सशक्तिकरण: फैशन शो के ज़रिये महिलाओं को मंच देना, आत्मविश्वास बढ़ाना।

  • युवा और संस्कृति का संगम: आधुनिक युवाओं में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूकता जगाना।

2.2 आयोजन का स्वरूप

  • कार्यक्रम का नाम: Libas-e-Lucknow

  • सहयोगी: Adab Arz Lucknow और Kabeer Manjari Cultural Club

  • मुख्य अतिथि: प्रोफेसर मंडवी सिंह, कुलसचिव, Bhatkhande University

  • वक्ता एवं सत्र: ADCP, ACP, पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, हेल्पलाइन आदि विषयों पर जनहित की बातें कीं।

  • मुख्यालय: कॉलेज परिसर में मंच सजावट, रनवे, दर्शक वुण्‍यवस्था आदि

2.3 परिधान और प्रदर्शन

छात्राओं ने ग़रारा, शरारा, चीकनकरी और ज़रीदार अवधी पोशाक पहन कर चलाया फैशन शो — जो अवध की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को दर्शाता है।

पोशाकों में बड़े कारीगर तत्व थे — चीकनकारी, ज़र्दोज़ी, मिरर वर्क आदि शामिल।


3. सशक्तिकरण सत्र: जागरूकता और सुरक्षा

फ़ैशन शो के अलावा, कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें विशेष रूप से निम्न विषयों पर चर्चा हुई:

  • महिला सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता

  • फेमिनिस्ट आंदोलन का इतिहास

  • हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

  • सिफारिशें और प्रेरणा

पुलिस अधिकारियों ने सभा को 1090, 181, 1930, 112 आदि हेल्पलाइन नंबर बताये और सहमति, डेटा सुरक्षा, ऑनलाइन उत्पीड़न आदि विषयों पर सुझाव दिए।


4. प्रमुख वक्तव्य और प्रतिक्रियाएँ

  • Prof. Mandvi Singh (Vice Chancellor, Bhatkhande University) ने कला और संस्कृति को युवा पीढ़ी से जोड़ने की प्रशंसा की और कहा कि संस्कृति का संरक्षण युवा जिम्मेदारी है।

  • Principal Prof. Huma Khwaja ने इस कार्यक्रम को “Lucknow की आत्मा का उत्सव” कहा।

  • Ayesha Safwi (Co-Founder, Numaya) ने अवधी हस्तशिल्प और महिला प्रयासों की सराहना की।

  • Manager Syed Naved Ahmad ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को न केवल आत्मविश्वास देते हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित ढंग से आगे बढ़ने की शिक्षा भी देते हैं।


5. सामाजिक और सांस्कृतिक अर्थ

5.1 संस्कृति को सशक्त बनाना

यह कार्यक्रम यह संदेश देता है कि समय बदलने पर भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को न भूलें। फैशन और कला के माध्यम से शहर की पहचान ने फिर से मंच पाया।

5.2 महिला सशक्तिकरण और जागरूकता

महिला सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर कार्यक्रम ने युवाओं को विचारशील बनाया और शक्ति का एहसास दिलाया।


6. चुनौतियाँ और सुझाव

  • लोगों की संसाधन सीमा: छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कम हो सकती है।

  • सततता: ऐसे कार्यक्रम को नियमित बनाने की ज़रूरत है, न केवल एक-बार का आयोजन।

  • समावेशिता: अलग-अलग समुदायों की महिला प्रतिभागियों को भी शामिल करना चाहिए।

  • मापन और प्रभाव मूल्यांकन: कार्यक्रम के प्रभाव को मापने और सुधार करने के लिए फॉलो-अप कार्रवाई जरूरी।


7. भविष्य की दिशा

  • इस तरह के आयोजन अन्य कॉलेजों और नगरों में निरंतर किए जाएँ।

  • मॉबाइल ऐप्स, ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग कर शिक्षा और जागरूकता फैलाना।

  • छात्रों को नेतृत्व अवसर देना कि वे खुद कार्यक्रम आयोजित करें।

  • सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों को मिला कर एक समग्र कार्यक्रम श्रृंखला तैयार करना।


हर घटना, कार्यक्रम और पहल का एक उद्देश्य होता है — “परिवर्तन लाना।” Karamat College का Libas-e-Lucknow फैशन शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न सिर्फ कला, संस्कृति व परंपरा का पुनरुद्धार है, बल्कि महिलाओं को मंच देने, आत्मविश्वास जगाने और सशक्त बनाने का प्रयास भी है।

Mission Shakti 5.0 की कोशिश यही हो कि हर लड़की, हर छात्रा को यह अनुभव हो कि वे न केवल समाज की संरचना में भागीदार हों, बल्कि नेतृत्व कर सकें।

इस कार्यक्रम और प्रयासों से यह स्पष्ट है कि संस्कार, कला और सशक्तिकरण — ये सब हाथ में हाथ मिलाकर चल सकते हैं।

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