सलोनी तिवारी : दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख और शुभ त्योहार है। यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय समुदाय बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाते हैं। दीपावली का अर्थ है – दीपों की पंक्ति। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
2025 में दिवाली की तिथि को लेकर भ्रम है कि यह 20 अक्टूबर को होगी या 21 अक्टूबर को। आइए विस्तार से जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी पूजन की विधि।
Diwali 2025 की सही तिथि
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पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि (कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष) पर दीपावली मनाई जाती है।
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वर्ष 2025 में अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार रात से शुरू होकर 21 अक्टूबर, मंगलवार को समाप्त होगी।
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इसलिए मुख्य दिवाली 21 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त
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लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: 21 अक्टूबर 2025, शाम 7:20 से 9:10 बजे तक (लगभग 1 घंटा 50 मिनट)।
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प्रदोष काल: शाम 6:50 से रात 9:00 बजे तक।
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निशीथ काल पूजा: रात 11:40 से 12:30 बजे तक।
दिवाली का धार्मिक महत्व
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यह दिन भगवान राम के अयोध्या लौटने और उनके स्वागत में दीप जलाने की स्मृति में मनाया जाता है।
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मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर धन, बुद्धि और समृद्धि का आशीर्वाद लिया जाता है।
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व्यापारियों के लिए यह नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का दिन होता है।
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दीप जलाने से सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का वास होता है।
लक्ष्मी पूजन विधि
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घर को साफ-सुथरा करें और मुख्य द्वार पर रंगोली व दीपक सजाएँ।
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पूजन स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर मां लक्ष्मी और गणेशजी की मूर्ति स्थापित करें।
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कलश स्थापना करें, उसमें जल, आम के पत्ते और नारियल रखें।
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धूप, दीप, अक्षत, फूल, मिठाई और नए सिक्के अर्पित करें।
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लक्ष्मीजी को कमल का फूल और चांदी/सोने का सिक्का चढ़ाएँ।
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मंत्र का जाप करें:
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” -
अंत में 11, 21 या 51 दीपक जलाकर घर के हर कोने में रखें।
दिवाली पर किए जाने वाले उपाय
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लक्ष्मी पूजन में लाल वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
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तिजोरी या अलमारी में श्री यंत्र रखें।
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काले तिल और गौ माता को गुड़ खिलाना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
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दीपावली की रात पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना बहुत फलदायी माना जाता है।
दिवाली और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
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दीप जलाने से वातावरण शुद्ध होता है।
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पटाखों की जगह आजकल इको-फ्रेंडली दिवाली मनाने का महत्व बढ़ा है, जिससे प्रदूषण कम हो।
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रोशनी और मिठाइयाँ परिवार में प्रेम और एकता का संदेश देती हैं।
Diwali 2025 का पर्व 21 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा।
मां लक्ष्मी और गणपति की आराधना से जीवन में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। इस बार दिवाली पर इको-फ्रेंडली त्योहार मनाकर सकारात्मक ऊर्जा और खुशियों का स्वागत करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अंशिका मीडिया किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करता। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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