मथुरा का 5000 साल पुराना कुब्जा-कृष्ण मंदिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से आया सुर्खियों में

सलोनी तिवारी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 सितंबर को अपने एक दिवसीय दौरे पर मथुरा और वृंदावन पहुंचेंगी। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियां जोरों पर हैं। खास बात यह है कि राष्ट्रपति मुर्मू जिस मंदिर में दर्शन करने जा रही हैं, उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह मंदिर द्वापर युग से जुड़ा हुआ है और माना जाता है कि यह करीब 5000 वर्ष पुराना है।

क्यों खास है यह मंदिर?

मथुरा का यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और उनकी परम भक्त कुब्जा से जुड़ा हुआ है। श्रीमद्भागवत में वर्णित कथा के अनुसार, कुब्जा कंस की दासी थी और एक झोपड़ी में रहती थी। जब भगवान कृष्ण मथुरा आए तो उनकी भेंट कुब्जा से हुई। कुब्जा शरीर से विकलांग थी और अक्सर लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे।

भगवान कृष्ण ने कुब्जा से कहा – “अरे सुंदरी सुनो”, जिस पर कुब्जा ने उत्तर दिया कि सभी उसका उपहास करते हैं तो आप क्यों मजाक कर रहे हैं। इस पर श्रीकृष्ण ने उसका हाथ पकड़कर उसकी विकृति दूर कर दी और उसे सुंदर रूप प्रदान किया। तभी से यहां भगवान कृष्ण और कुब्जा की मूर्ति विराजमान हैं।

मंदिर की मान्यता

इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां चंदन की सेवा करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। यही वजह है कि यह छोटा सा मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है।

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