सलोनी तिवारी: बॉलीवुड का कपूर खानदान हमेशा से अपनी एक्टिंग और ग्लैमर के लिए जाना जाता है। राज कपूर से लेकर ऋषि कपूर और रणबीर कपूर तक, इस परिवार ने हिंदी सिनेमा को कई स्टार दिए हैं। अब इस परिवार की एक और सदस्य—रिद्धिमा कपूर साहनी—ने 45 की उम्र में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की है।
बिजनेसवुमन से एक्ट्रेस तक का सफर
रिद्धिमा कपूर साहनी एक सफल ज्वेलरी डिज़ाइनर और बिजनेसवुमन के रूप में जानी जाती रही हैं। उन्होंने अपने ब्रांड के जरिए इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है। लेकिन रिद्धिमा का मन हमेशा से कला और एक्टिंग की तरफ खिंचता था।
कई बार उन्होंने इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें एक्टिंग का शौक है, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और बिजनेस की वजह से वे कभी इस फील्ड में कदम नहीं रख सकीं। अब जब उनकी बेटी समारा बड़ी हो चुकी है और बिजनेस भी स्थिर है, रिद्धिमा ने अपना अधूरा सपना पूरा करने का फैसला लिया।
कपिल शर्मा और फराह खान का सपोर्ट
रिद्धिमा के फिल्म डेब्यू का सबसे बड़ा श्रेय कपिल शर्मा और फराह खान को जाता है। कपिल शर्मा ने अपने शो में रिद्धिमा से मजाक-मजाक में कहा था कि उन्हें एक्टिंग ट्राई करनी चाहिए। फराह खान, जो खुद इंडस्ट्री की दिग्गज डायरेक्टर-कोरियोग्राफर हैं, ने इस आइडिया को सीरियसली लिया और उन्हें फिल्म का ऑफर दिया।
भावुक पल और परिवार की प्रतिक्रिया
रिद्धिमा के डेब्यू पर कपूर परिवार भी बेहद भावुक नज़र आया। उनकी मां नीतू कपूर ने कहा—
“रिद्धिमा ने हमेशा अपने सपनों को परिवार के लिए पीछे रखा। आज जब वह अपनी पसंद का काम कर रही हैं, तो हमें उस पर गर्व है।”
रणबीर कपूर ने भी अपनी बहन को बधाई देते हुए कहा कि वह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।
फिल्म की कहानी और रोल
रिद्धिमा कपूर साहनी जिस फिल्म से डेब्यू कर रही हैं, उसकी कहानी एक मिडिल-एज्ड महिला के संघर्ष और सपनों पर आधारित है। इस किरदार में रिद्धिमा अपने असल जीवन से भी काफी जुड़ी हुई महसूस कर रही हैं।
फराह खान ने कहा कि यह रोल खास तौर पर रिद्धिमा के लिए लिखा गया था। इसमें इमोशन, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा सब कुछ है।
इंडस्ट्री और फैंस की प्रतिक्रिया
रिद्धिमा के डेब्यू की खबर सुनते ही बॉलीवुड से लेकर फैशन इंडस्ट्री तक हर जगह चर्चा शुरू हो गई है। कई सेलेब्स ने उन्हें बधाई दी है और कहा है कि उनकी एंट्री से इंडस्ट्री को एक नया चेहरा मिलेगा।
फैंस भी सोशल मीडिया पर उन्हें “रियल इंस्पिरेशन” बता रहे हैं। उनका कहना है कि उम्र कभी सपनों के आड़े नहीं आती।
45 की उम्र में डेब्यू—क्यों है खास?
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आमतौर पर एक्टिंग करियर की शुरुआत कम उम्र में होती है। लेकिन रिद्धिमा का यह कदम इस सोच को तोड़ता है। उनका कहना है—
“उम्र सिर्फ एक नंबर है। अगर आपके अंदर जुनून है, तो आप किसी भी उम्र में नई शुरुआत कर सकते हैं।”
यह मैसेज खास तौर पर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो जिम्मेदारियों की वजह से अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।
रिद्धिमा कपूर साहनी का डेब्यू सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक प्रेरणा की कहानी है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि कभी भी अपनी इच्छाओं को अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। उनके इस कदम से न सिर्फ कपूर परिवार का नाम और रोशन होगा बल्कि हिंदी सिनेमा में भी एक नया चेहरा मिलेगा।

