सर्व पितृ अमावस्या 2025 – तिथि, पूजा विधि, मंत्र और राशियों पर प्रभाव

सलोनी तिवारी: हिंदू पंचांग में भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि को सर्व पितृ अमावस्या कहते हैं। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितृ दोष का निवारण होता है।


सर्व पितृ अमावस्या 2025 की तिथि और समय

  • तिथि: सोमवार, 22 सितंबर 2025

  • अमावस्या आरंभ: 21 सितंबर रात 10:45 बजे

  • अमावस्या समाप्त: 22 सितंबर रात 12:20 बजे

इस दिन सूर्योदय के बाद श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व होता है।


महत्व और पौराणिक पृष्ठभूमि (Significance & Mythology)

  • Pitru Paksha का अंतिम दिन है Sarva Pitru Amavasya, जिसे Mahalaya Amavasya या Sarva Moksha Amavasya भी कहा जाता है।

  • ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूर्वजों (पितरों) की आत्माएँ धरती पर आती हैं और अपने अनुयायियों से श्रद्धा एवं तर्पण की आशा रखती हैं।

  • यदि किसी व्यक्ति को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथियाँ ज्ञात न हों, तो यह दिन उन सभी पूर्वजों के लिए श्राद्ध करने का अवसर है।


पूजा-विधि और अनुष्ठान (Rituals & Process)

  1. स्नान करें — इस दिन शीघ्र स्नान करना शुभ माना जाता है।

  2. संकल्प (Sankalp): आत्मा की शांति, पूर्वजों की आत्माओं के लिए श्राद्ध करने का संकल्प लें।

  3. पिंडदान (Pinda Daan): चावल, तिल, घी आदि के पिंड बनाकर पूर्वजों को अर्पण करें।

  4. तर्पण (Tarpan): जल, तिल, ज़रूरत हो तो जौ आदि मिलाकर तर्पण दें।

  5. दान और भोजन वितरण: ब्राह्मणों, गरीबों को भोजन, वस्त्र, अनाज आदि दान दें।

  6. मंत्रोच्चारण: पितृ स्तोत्र, मृत-पूर्वजों के नाम का उच्चारण, मन में श्रद्धा की भावना रखना आवश्यक है।


मन्‍त्र (Mantras)

कुछ प्रसिद्ध मंत्र जो इस अवसर पर बोले जाते हैं:

  • “ॐ पितॄणाम शक्तिर् वन्द्या स्वधायै नमः”

  • “ॐ स्वाधा स्वधा स्वधा पितृभ्यो नमः”

  • पितृ स्तोत्र या पितृ सूक्त से जुड़े श्लोक (जैसे कि Garuda Purana या अन्य पुराणों से लिए गए)


राशियों पर प्रभाव (Impact on Zodiac Signs)

इस दिन ग्रहों की स्थिति, अमावस्या तिथि और पितृ पक्ष के समापन के कारण अलग-अलग राशियों पर ये प्रभाव हो सकते हैं:

राशि संभावित प्रभाव
मेष (Aries) पारिवारिक संबंधों में सुधार, पुराने विवाद शांत हो सकते हैं।
वृषभ (Taurus) पेशेवर सफलता और आर्थिक मामलों में लाभ संभव है।
मिथुन (Gemini) मानसिक शांति मिलेगी, अनावश्यक चिंताएँ कम होंगी।
कर्क (Cancer) भावनात्मक जुड़ाव और पूर्वजों की स्मृति से शक्ति मिलेगी।
सिंह (Leo) आत्म-विश्वास बढ़ेगा, सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
कन्या (Virgo) स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों से राहत; संयमित जीवन की प्रेरणा मिलेगी।
तुला (Libra) रिश्तों में संतुलन और मेल-जोल बढ़ेगा।
वृश्चिक (Scorpio) गहरे आत्म-मंथन के अवसर मिलेंगे; पुरानी आदतें छोड़ने का समय।
धनु (Sagittarius) यात्रा या धार्मिक क्रियायें लाभदायक होंगी।
मकर (Capricorn) व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने की शक्ति मिलेगी।
कुम्भ (Aquarius) मन शांत होगा; पूर्वजों की कृपा से कार्यों में सफलता मिलेगी।
मीन (Pisces) आध्यात्मिक अनुभव होंगे; जीवन में सरलता और संतोष की भावना आएगी।

कुछ बातें जिनका ध्यान रखें (Precautions & Do’s-Don’ts)

  • श्राद्ध व तर्पण किसी शुभ मुहूर्त में ही करें। गलत समय पर शुरू होने से श्रेष्ठ परिणाम नहीं मिलते।

  • भोजन, दान आदि में शुद्धता रखें; अमर्यादित प्रदर्शन से बचें।

  • यदि संभव हो, तो नदी किनारे या पवित्र स्थान पर तर्पण करें।


Sarva Pitru Amavasya 2025 धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन न सिर्फ हमारे पूर्वजों को श्रद्धा समर्पित करने का है, बल्कि आत्मा की शांति और परिवार में संतुलन, पूर्वजों की कृपा प्राप्त करने का समय है। जो लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि नहीं जानते, उनके लिए यह दिन विशेष रूप से वरदान बनकर आता है।


डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अंशिका मीडिया किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करता। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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