बच्चों के आधार कार्ड में 5 और 15 साल पर बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य, नहीं तो हो सकता है Aadhaar इनएक्टिव

सलोनी तिवारी: आधार कार्ड आज भारत में पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। स्कूल में एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक, बच्चों के लिए भी आधार कार्ड होना जरूरी है। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि बच्चों के आधार (Baal Aadhaar) में दो बार बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है

🔹 बाल आधार में शुरुआत में बायोमेट्रिक क्यों नहीं होता?

छोटे बच्चों की उंगलियों के निशान (Fingerprint) और आंखों का स्कैन (Iris Scan) सही तरीके से नहीं आ पाते। इसी कारण से शुरुआती आधार कार्ड केवल बच्चे की फोटो और बेसिक जानकारी के आधार पर बनता है।

🔹 कब-कब कराना जरूरी है बायोमेट्रिक अपडेट?

UIDAI के नियमों के अनुसार बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट दो बार किया जाना अनिवार्य है:

  1. पहली बार – जब बच्चा 5 साल का हो जाता है
    इस उम्र में बच्चे के फिंगरप्रिंट और आंखों का स्कैन लेकर आधार रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है।

  2. दूसरी बार – जब बच्चा 15 साल का हो जाता है
    इस उम्र में बायोमेट्रिक डेटा फिर से लिया जाता है ताकि आधार पूरी तरह से वैलिड रहे।

🔹 क्यों जरूरी है समय पर अपडेट?

अगर तय समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया गया तो बच्चे का आधार कार्ड इनएक्टिव हो सकता है। ऐसे में स्कूल, कॉलेज, बैंक या सरकारी योजनाओं में आधार मान्य नहीं रहेगा और सुविधाएं रुक सकती हैं।

🔹 बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कैसे कराएं?

  • नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाएं।

  • चाहें तो UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

  • अपडेट फॉर्म भरने के बाद वहां बच्चे का फिंगरप्रिंट, आंखों का स्कैन और नई फोटो ली जाएगी।

 इसलिए, अगर आपका बच्चा 5 या 15 साल का हो चुका है तो तुरंत उसका आधार बायोमेट्रिक अपडेट जरूर कराएं, ताकि किसी भी योजना या सुविधा में दिक्कत न आए।

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