सलोनी तिवारी: उत्तर प्रदेश में आज यानी 9 सितंबर 2025 को मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जहां एक ओर सुबह से कई जिलों में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया, वहीं मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में बारिश और वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति किसानों, आम लोगों और यात्रियों के लिए अहम है क्योंकि इससे जीवनशैली और कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है।
किन जिलों में अलर्ट?
मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिन जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं:
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पूर्वांचल के जिले: वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, मऊ
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पूर्वी यूपी: गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर
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मध्य यूपी: लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी
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बुंदेलखंड: झांसी, बांदा, चित्रकूट
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पश्चिमी यूपी: प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, हरदोई
कुल मिलाकर 22 जिलों में वज्रपात और बारिश का खतरा जताया गया है।
वज्रपात की स्थिति क्यों खतरनाक?
वज्रपात यानी बिजली गिरना, मानसूनी मौसम में सबसे बड़ा खतरा साबित होता है। उत्तर प्रदेश में हर साल दर्जनों लोगों की मौत वज्रपात से होती है। यही वजह है कि सरकार और मौसम विभाग लगातार लोगों को सावधान रहने की अपील करते हैं।
किसानों पर असर
बारिश और वज्रपात का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ता है। सितंबर का महीना खरीफ फसलों जैसे धान, मक्का और अरहर के लिए महत्वपूर्ण होता है।
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बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है।
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लेकिन अधिक वज्रपात और आंधी से खेतों में नुकसान की आशंका भी रहती है।
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जिन किसानों ने कटाई की तैयारी शुरू कर दी है, उन्हें खास सतर्कता बरतनी चाहिए।
आम जनता के लिए क्या सावधानियां?
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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वज्रपात के समय खुले मैदान, खेत या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
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मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग आकाशीय बिजली गिरने के दौरान कम करें।
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यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।
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बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने से बचाएं।
शहरी इलाकों में असर
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में दोपहर बाद बादल घिरने की संभावना है।
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कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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ट्रैफिक और जलभराव की स्थिति बिगड़ सकती है।
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उमस भरी गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
वैज्ञानिक नजरिया
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) इस बदलाव की वजह है। यही सिस्टम पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिससे बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी हुई है।
सरकार और प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली गिरने से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव में संदेश भेजे जा रहे हैं। साथ ही, आपदा प्रबंधन टीम को तैयार रहने का आदेश दिया गया है।
धूप और उमस का असर
जहां बारिश नहीं हो रही, वहां तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है।
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लखनऊ और कानपुर में तापमान 34–36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
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उमस और नमी के कारण लोग थकान और असहज महसूस कर रहे हैं।
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मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
आगे का अनुमान
IMD का अनुमान है कि आने वाले 2–3 दिनों तक प्रदेश में बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है।
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पूर्वी यूपी में ज्यादा बारिश होगी।
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पश्चिमी यूपी में छिटपुट बारिश की संभावना है।
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12 सितंबर तक मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।

