सलोनी तिवारी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा किया। हाल ही में इन दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। अब तक इन आपदाओं में 350 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करना और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता
केंद्र सरकार पहले ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेज चुकी है। राहत शिविरों, मेडिकल सुविधाओं और पुनर्वास योजनाओं को और सशक्त करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को आपदा प्रबंधन में सरकार की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पुनर्निर्माण और भविष्य की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ मौजूदा हालात की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाने की दिशा में भी मदद करेगा। बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ, पर्वतीय क्षेत्रों में ढांचागत मजबूती और आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
इस दौरे के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रभावित राज्यों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और केंद्र सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर है।

