सलोनी तिवारी: उत्तर प्रदेश में इस समय बारिश और बाढ़ दोहरी मुसीबत बनकर सामने आई है। राज्य के करीब 38 जिले बाढ़ और भारी बारिश की चपेट में हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शहरों में सड़कों पर जलभराव हो गया है और कई घरों में पानी घुस गया है। मौसम विभाग ने सितंबर में जोरदार मानसूनी बारिश की आशंका जताई है। आज आगरा, फिरोजाबाद, शामली, मेरठ, बागपत, हाथरस और हापुड़ समेत आसपास के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
आगरा में बढ़ा खतरा, ताजमहल तक पहुंचा पानी
आगरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 2.7 फीट ऊपर बह रहा है। यमुना किनारे स्थित पोइया घाट और ताजगंज का मोक्षधाम डूब चुके हैं। मेहताब बाग और आगरा किला की खाई तक भी यमुना का पानी पहुंच गया है। ताजमहल की दीवार तक पानी आने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि रविवार तक यमुना का जलस्तर 499 से 500 फीट तक पहुंच सकता है।
गांवों में दहशत, लोग घर छोड़ने को मजबूर
यमुना के बढ़ते जलस्तर से आगरा की सदर, एत्मादपुर, फतेहाबाद और बाह तहसील के 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। तटवर्ती गांवों में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। सदर तहसील के मेहरा नहारगंज गांव में 40 परिवारों को विस्थापित किया गया है। इसी तरह मनोहरपुर, खासपुर, जगनपुर, तनौरा, नूरपुर, मोतीमहल, टेढ़ी बगिया और रामबाग बस्ती जैसे निचले इलाकों से लोग पलायन कर रहे हैं।


